बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

न्यायालय ने 14 साल की बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपित पिता को आजीवन कारावास और तीन हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पिता का बेटी के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपित कठोर सजा का हकदार है।

घटना 17 जुलाई 2018 की है। जिले में रहने वाली 14 साल की किशोरी अपने छोटे भाई के साथ घर में अकेली थी। दोपहर करीब तीन बजे उसका पिता शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। कुछ देर बाद उसने बेटी से कहा कि बाहर साइकिल में कुछ सामान रखा है, उसे लेकर आओ। बेटी जैसे ही सामान लेकर लौटी पिता ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। उसके बाद उसने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद मामी के घर पहुंचने पर किशोरी ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामी ने पीड़ित किशोरी की मां को बताया। अगले दिन किशोरी को लेकर मां थाने पहुंची और रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने आरोपित पिता के खिलाफ धारा 376(2)(च) 506 एवं पाक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्घ कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एफटीसी विवेक कुमार तिवारी के कोर्ट में हुई। अदालत ने आरोपित पर दोष सिद्ध होने पर धारा 506 में तीन वर्ष कैद व 1000 अर्थदंड और 376 (2)(च) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आदेश में कहा कि पिता, जिस पर पुत्री का सुरक्षा करने का दायित्व है, यदि उसने ही इस तरह का जघन्य अपराध किया है जो समाज पर खराब असर डालेगा। मामले में कठोर दंड अनिवार्य है।

फांसी पर लटकाकर मारने की धमकी भी

आरोपित जब घटना को अंजाम दे रहा था, उस समय बेटी छोड़ने की मिन्नतें करी रही। इस पर पिता ने फांसी पर लटकाकर जान से मारने की धमकी दी। उसने घटना के बारे में किसी को बताने पर भी जान से मारने की बात कही।

Posted By: Nai Dunia News Network