बिलासपुर। सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) की सुरक्षा कमजोर हो चुकी है, क्योंकि यहां लगाए गए आधे से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खराब हो चुके हैं। 94 में से 70 सीसी टीवी कैमरे बंद पड़े हुए हंै। कैमरे की निगरानी से बाहर आने की वजह से कई चोर गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जो आए दिन यहां पर वाहन चोरी, उठाईगिरी और पाकेटमारी की घटना को अंजाम दे रहे हैं।

सिम्स बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। ऐसे में रोजाना यहां हजारों लोगों का आना जाना रहता है। सिर्फ ओपीडी ही 1200 से 1500 तक की रहती है। वही हर समय यहां कम से कम 600 मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में यहां पर चोर गिरोह भी सक्रिय रहता है। जो मरीज, स्वजन व आने जाने वालों को अपना शिकार बनाते हैं। लगातार होने वाले इस तरह के वारदात को देखते हुए सिम्स प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए कुछ साल पहले चयनित स्थानों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया।

कुल मिलाकर 94 कैमरे लगाए गए। लेकिन अब देखरख के अभाव में लगभग 70 कैमरे ने काम करना बंद कर दिया है। इसकी वजह से एक बार फिर चोरी की घटना बढ़ गई है। चोर आसानी से वारदात को अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं। खासकर एमआरडी सेक्शन, आपातकालीन, वार्ड व वाहन स्टैंड के सभी कमरे खराब है। ऐसे में इन जगहों पर ही ज्यादा वरदात हो रहे हैं।

चोर आसानी से चोरी कर फरार हो जा रहे है। सिम्स प्रबंधन को भी इसकी जानकारी है कि कैमरे नहीं चल रहे है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। लेकिन इसके बाद भी बिगड़े कैमरों को बनाने के लिए किसी भी तरह से पहल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में इनके मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत नहीं हो पा रहा है। ऐसे में महज 24 सक्रिय कैमरों से सिम्स की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली जा रही है।

Posted By: anil.kurrey

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