बिलासपुर। जिले के सात गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने पांच किलोमीटर लंबी नहर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जमीन अधिग्रहण के लिए समाघात दल बनाया गया है। नहर निर्माण होने के बाद 12 सौ हेक्टेयर खरीफ फसलों की सिंचाई आसानी से होगी।

जिले की रतनपुर के मझवानी और बेलगहना के छतौना गांव में मुख्य नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। भू-अर्जन के मूल्यांकन के लिए सामाजिक समाघात दल का गठन किया गया है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम मझवानी और छतौना के ग्राम पंचायत भवन में जनसुनवाई आयोजित की। इसमें भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया।

दल ने बताया कि आमामुड़ा व्यपवर्तन नहर निर्माण पूरा होने से खरीफ के 12 सौ हेक्टेयर में फसलों की सिंचाई हो सकेगी। इस नहर से सात गांवों के किसान लाभन्वित होंगे। मूल्यांकन में पाया गया कि मझवानी गांव में भू-अर्जन से 0.568 हेक्टेयर भूमि व ग्राम छतौना में लगभग 13 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हो रही है। टीम ने किसानों से भी सहमति ली और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। समाघात दल ने भू-अर्जन के संबंध में पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन का उचित मूल्यांकन कर भू-अर्जन की अनुशंसा भी की।

योजना में हो सकती है दिक्कत

नहर निर्माणा की योजना में कई प्रकार के परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नहर के लिए अधिग्रहित जमीन मालिकों को मुआवजा कब तक मिलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। गुणवत्तापूर्ण नहर निर्माण करवाना भी एक चुनौती होगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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