बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में बिना अनुमति धड़ल्ले से गर्भपात के लिए प्रतिबंधित मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी(एमटीपी) किट बेची जा रही है। लगातार इसकी शिकायत भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मिल रही है। ऐसे में अब शिकायत के आधार पर ऐसे मेडिकल स्टोर की जांच करने का निर्णय लिया गया है। जहां इस तरह की एमटीपी किट मिलने पर नारकोटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिला औषधि नियंत्रक की ओर से दवा विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि वे बिना अनुमति एमटीपी किट नहीं बेचें। यह भी तय किया गया है कि केवल अस्पतालों में ही एमटीपी किट मिलेगी। लेकिन मुनाफे के लालच में दवा विक्रेता अवैध तरीके से किट को बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका इस्तेमाल गर्भपात के लिए किया जाता है। गुपचुप तरीके से अधिकतर लोग भ्रूण हत्या के लिए इसका प्रयोग करते हैं।

अब इन पर नजर नहीं रखने की वजह से मेडिकल स्टोर बिक्री चोरी छिपे कर रहे हैं। इस तरह की शिकायत भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास पहुंच रही है। दवा बेचने का पुख्ता सबूत नहीं मिलने से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। अब विभाग ने एमटीपी किट बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कमर कस ली है। ड्रग इंस्पेक्टरों को शिकायत के आधार पर संबंधित मेडिकल स्टोर के जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भ्रूण हत्या को रोका जा सके।

एमटीपी किट बेचने पर होती है मोटी कमाई

एमटीपी किट की बाजार में करीब सात से आठ स्र्पये में बेची जा रही है। लेकिन इसकी वास्तविक कीमत साढ़े तीन से 400 स्र्पये की बीच होती है। इसकी वजह से बेचने वालों को भारी मुनाफा होता है। प्रतिबंधित होने की वजह से बेचने वाले ग्राहक से इसकी मनमानी कीमत भी वसूलते हैं।

एमटीपी एक्ट बताया गया है अब करा सकते हैं गर्भपात

मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) एक्ट साल 1971 में बना था। इसके तहत 20 हफ्ते तक के गर्भपात की इजाजत दी गई है। चार वजहों में एमटीपी को मान्य किया गया है। जब महिला को कोई गंभीर रोग हो जाए और और गर्भ रखने से उसकी जान को खतरा हो, जब गर्भधारण करने की वजह से गर्भस्थ शिशु को जान या अपंगता का खतरा हो जाए, जब बलात्कार के कारण महिला गर्भवती हो गई हो, गर्भ निरोधक की असफलता के कारण यदि गर्भधारण हो गया हो तो यह दवा दी जाती है। लेकिन आज कल इसे अन्य कारणों से भी उपयोग किया जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

बिना चिकित्सक के सलाह पर एमटीपी किट नहीं बेची जा सकती है। यह प्रतिबंधित दवाओं में शामिल है। शिकायत मिल रही है कि इसे मेडिकल स्टोर के माध्यम से बेचा जा रहा है। इसे जांच के दायरे में लिया गया है। बेचते पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।

डा. रवि गेंदले

एडीसी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग

Posted By: Abrak Akrosh

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