बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। अचानकमार टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए कान्हा से तीन प्रशिक्षकों का दल पहुंचा है। प्रशिक्षण के दौरान ये बता रहे हैं कि वन्य प्राणियों की गणना कैसे करनी है। इसके लिए बनाए गए एप के बारे में बताएंगे। साथ ही गश्त को भी जानकारी दी जाएगी।

एप एम स्ट्रीप्स का उपयोग कैसे करना

अचानकमार टाइगर रिजर्व बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यही वजह है कि इसकी सुरक्षा से लेकर अन्य कार्यों बेहतर और मापदंड के अनुरूप हो सके, इसके लिए प्रबंधन समय-समय पर सेमिनार व प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित करता है। इससे मैदानी अमला परिपक्व होता है। समय पर इन्हें प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजा जाता है। वहीं, दूसरे टाइगर रिजर्व से विशेषज्ञों को भी बुलाया जाता है। इसी के तहत कान्हा से प्रशिक्षकों को बुलाया गया था, ताकि वे यहां के वन अमले को बेहतर जानकारी दे सके। प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को फील्ड में लेकर जा रहे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि वन्य प्राणियों के लिए बने एप एम स्ट्रीप्स का उपयोग कैसे करना है।

पेपर वर्क की जगह अब होगा ऑनलाइन वर्क

यह एप आनलाइन व आफलाइन दोनों स्थिति में काम करता है। पहले वन्य प्राणियों की जानकारी के लिए कागज में प्रारूप भरा जाता था, लेकिन जब से यह एप बना है। तब से इसी का प्रयोग किया जाता है। इस एप में कई ऐसे फीचर है,जिनके बारे में वन अमले को जानकारी नहीं है। प्रशिक्षक कान्हा में इसका लगातार बेहतर उपयोग करते हैं। वन्य प्राणियों की गणना के समय तो खासतौर पर इसका उपयोग होता है।

वन अमले को तकनीकी रूप से जितना परिपक्व होना आवश्यक है, उसी तरह सुरक्षा के लिहाज से दक्षता जरूरी है। टाइगर रिजर्व में कई बार शिकार की घटनाएं हो चुकी हैं। कहीं न कहीं यह सुरक्षा में चूक है। प्रबंधन भी इसे मानता है। प्रशिक्षकों के द्वारा यही बताया जा रहा है कि जंगल के अंदर कैसे गश्त करनी है। इसके अलावा उनके पास किस तरह के संसाधन होने चाहिए।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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