बिलासपुर। जोनल स्टेशन में शुक्रवार को आरपीएफ ने एक दिन का विशेष अभियान चलाया। इसमें बेटिकट से लेकर उन यात्रियों की धरपकड़ की गई, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। 32 यात्रियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें स्टेशन में ही विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उन पर जुर्माना किया गया। रेलवे स्टेशन में भीड़ व अन्य व्यवस्था अब पूरी तरह सामान्य हो गई है। यही वजह उल्लंघन करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। ऐसे यात्रियों को नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए आरपीएफ ने सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक विशेष जांच अभियान चलाया गया।

इस जांच से यात्रियों के बीच हड़कंप भी मच गया। खासकर दिव्यांग व महिला कोच में बैठे यात्रियों को तो उतारकर सीधे आरपीएफ पोस्ट लाया गया। यहां उन्हें फटकार भी लगाई गई। उन्हें समझाया गया कि यह आरक्षित कोच होता है। जिसके लिए आरक्षित है उसी को बैठना है। यदि सामान्य यात्री इसमें बैठ जाएंगे तो जिनके लिए रेलवे ने सुविधा दी है, वह कहां जाएंगे। यात्रियों ने गलती मानी और दोबारा ऐसा न करने की बात कही। लेकिन किसी को भी बिना कार्रवाई के नहीं छोड़ा गया। रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा कुछ ट्रेन व प्लेटफार्म में जांच के दौरान बेटिकट यात्री पकड़ में आए।

अवैध वेंडर व अनाधिकृत रूप से घूमने वाले लोग भी स्टेशन में मिले। सभी के खिलाफ कार्रवाइ की गई। प्रकरण दर्ज होने के बाद बारी - बारी इन यात्रियों को विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष उपस्थित किया गया। मजिस्ट्रेट आज स्टेशन में मौजूद थे। इस कार्रवाई से कुछ यात्री बच भी गए। जैसे ही उन्हें विशेष जांच की जानकारी मिली भाग निकले। इसकी आरपीएफ को जानकारी भी मिली। अब आरपीएफ चाह रही है कि सप्ताह में कम से कम एक या दो दिन विशेष जांच की जाए। नियमित जांच तो होती है। विशेष जांच और कार्रवाई से यात्री उल्लंघन करने से बचेंगे।

Posted By: Abrak Akrosh

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