बिलासपुर। Bilaspur News: राजधानी रायपुर और दुर्ग में लाकडाउन के बाद न्यायधानी में इस बात की अटकलें तेज हो गई है कि कलेक्टर का आदेश कभी भी किसी भी दिन प्रसारित हो सकता है। बहरहाल जिला प्रशासन की पैनी नजर भीड़ और संक्रमण की स्थिति पर लगी हुई है। संक्रमण की रफ्तार नहीं थमी और मृतकों का आंकड़ा इसी तरह बढ़ते रहा तो राजधानी की तरह अप्रिय निर्णय यहां भी लिए जा सकते हैं। प्रशासनिक अमला दुकानों के खुलने और बंद होने के समय में किए बदलाव के बाद की स्थ्ािति की समीक्षा में जुटा हुआ है।

दुखद पहलू ये है कि लगातार समझाइश के बाद भी भीड़ छंटती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों का जमावड़ा पहले जैसा ही नजर आ रहा है। कोरोना की दूसरी लहर अब खतरनाक रूप लेते जा रही है। संक्रमित होने वाले व्यक्तियों के लिए खतरा लगातार बढ़ते ही जा रहा है। हालांकि कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ने दुकानों के खुलने और बंद होने के समय मंे बदलाव कर दिया है।

इस बदलाव के बाद व्यापारिक प्रतिष्ठानें तय समय पर तो बंद हो जा रही है,पर दिन के वक्त लोगों की भीड़ नियंत्रित नहीं हो पा रही है। सब्जी बाजार से लेकर पान दुकानें,होटल व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार भीड़ उमड़ रही है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर जैसी भीड़ उमड़ रही है कोरोना भी उसी अंदाज में लगातार अपना पैर पसरा रहा है।

प्रतिदिन नए मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़ा दो या चार में नहीं बल्कि 50 से 85 के अंतर से आ रहा है। प्रतिदिन संक्रमण का आंकड़ा बढ़ रहा है। यह आने वाले दिनों के लिए खतरे का संकेत है। लोगों में जागस्र्कता की कमी कहें या फिर बेपरवाही। भीड़ कहीं से भी कम होते दिखाई नहीं दे रही है। सब्जी बाजार में सुबह से लेकर शाम तक भारी भीड़ दिखाई देती है। सड़कों पर लोग बिना वजह घुमते फिरते दिखाई दे जाते हैं।

प्रशासनिक अमला भी दुविधा में

प्रशासनिक अमला पूरी तरह दुविधा में नजर आ रहा है। टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य को पूरा करने मशक्कत कर रहे हैं। जैसे-जैसे टीकाकरण का आंकड़ा बढ़ रहा है कोरोना का संक्रमण का भी उसी अंदाज में बढ़ रहा है। भीड़ पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। संक्रमण तेजी के साथ फैल रहा है। प्रशासनिक अमले के सामने सबसे बड़ी दुविधा ये कि लाकडाउन करने से टीकाकरण का कार्य प्रभावित होगा।

लोगों की घरों से आवाजाही बंद हो जाएगी। टीकाकरण केंद्रों में पर्याप्त संख्या में लोगांे का जुड़ाव नहीं हो पाएगा। एक आला अफसर की मानें तो बहरहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कोशिश की जा रही है। स्थिति बेकाबू हुआ तो लाकडाउन के अलावा और कोई विकल्प नहीं बच जाता है।

चौक-चौराहों में होने लगी चर्चा

रायपुर में लाकडाउन की घोषणा के बाद आज पूरे दिन चौक-चौराहों से लेकर सरकारी व निजी संस्थानों में लाकडाउन को लेकर अटकलबाजी का दौर चलते रहा। लाकडाउन के बाद की स्थितियों को लेकर भी चर्चा होते रही। लाकडाउन के बाद व्यवसाय और बाजार की बनने वाली स्थिति पर भी लोग अपनी राय देते नजर आए। पूरे दिन इस पर अटकलबाजी चलती रही। अटकलबाजियों के बीच एक बात जो सामने निकलकर आई कि लाकडाउन करने अधिकांश लोगों ने अपनी सहमति दी है। हालांकि प्रशासनिक अमला इसे सशक्त विकल्प के रूप में नहीं देख रहा है।

लाकडाउन के बाद क्या, इस पर हो रही समीक्षा

जिला प्रशासन के आला अफसर लाकडाउन के बाद की परिस्थितियों को लेकर भी समीक्षा कर रहे हैं। अब तक अनुभव यही कहता है कि जैसे ही लाकडाउन हटता है बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठानांे व सार्वजनिक जगहों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगती है। एक सप्ताह या फिर एक पखवाड़े के लाकडाउन के दौरान जो स्थिति नियंत्रण में रहती है लाकडाउन हटते ही अनियंत्रित हो जाती है।

वर्जन

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ ही पूर्व के आदेश की समीक्षा की जा रही है। स्थिति अनियंत्रित होने की स्थिति में अप्रिय निर्णय लेने पड़ सकते हैं। बहरहाल पूर्व के आदेशों के अनुसार ही व्यापार व व्यवसाय होगा।

डा.सारांश्ा मित्तर-कलेक्टर

Posted By: sandeep.yadav

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