बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विवि कुलपति प्रो.आलोक चक्रवाल ने कहा कि आजादी के बाद अनेक देशों में विद्रोह हुआ लेकिन भारत में कभी नहीं हुआ। इसका पूरा श्रेय संविधान निर्माता डा.भीमराव अंबेडकर को जाता है। जिन्होंने ऐसा संविधान बनाया जिसमें न्यायपालिका कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका में बेहतर संतुलन है। ऐसा संतुलन विश्व के अन्य किसी देश में देखने को नहीं मिलता।

केंद्रीय विवि में भारत रत्न डा.भीमराव अंबेडकर की महापरिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल कुमार शुक्ला उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी मंच पर थे। अध्यक्षता कुलपति प्रो.चक्रवाल ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि हमारा देश डा.अंबेडकर के आदर्शों एवं सिद्धांतों पर चलते हुए उनके सपनों को कार कर रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निर्मल शुक्ला ने कहा कि उन्होंने सभी के लिए समान न्याय और समान अवसर की वकालत की मौलिक अधिकारों की सुख एवं सुनिश्चित से लेकर नागरिक स्वतंत्रता के मुखर पर रहे। कानूनी फैसलों में बाबा साहब के वचनों एवं आदर्शों का आज स्पष्ट उल्लेख नज़र आता है। सामाजिक न्याय के मसीहा के रूप में सदैव याद रहेगे।

विशिष्ट अतिथि आइजी रतनलाल डांगी ने कहा कि अंबेडकर का जीवन आदर्श होने के साथ युवाओं के लिए प्रेरणास्पद है। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि हमें जीवन में कमी हार नहीं माननी चाहिए। सभी को बेहतरी के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए किस प्रकारहम समाज में सृजनात्मक परिवर्तन ला सकते है। इस अवसर पर प्रभारी कुलसचिव सूरज कुमार मेहर, डा.एसके निराला एवं कर्मचारियों में सुदामा मेषराम, राम सिंह उपस्थित थे।

Posted By: sandeep.yadav

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