बिलासपुर। सेंट्रल जीएसटी की टीम न्यायधानी के दो बड़े कारोबारियों के संस्थानों में जांच करने के बाद शनिवार को दस्तावेज लेकर रायपुर रवाना हो गई। जांच-पड़ताल के दौरान उन्हें क्या मिला, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी। शहर के कारोबारी देवीदास वाधवानी के व्यापार विहार स्थित संस्थान के अलावा पुराना बस स्टैंड स्थित भारत होजियरी में सर्वे हुआ। जीएसटी इंटेलिजेंस द्वारा दोनों कारोबारियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। देवीदास वाधवानी के खिलाफ बलराज पेट्रोल पंप की खरीदी एवं संचालन को लेकर काफी शिकायतें थीं।

वहीं भारत होजियरी का एक इंश्योरेंस फायर क्लेम था। इसकी जीएसटी बिलिंग में गड़बड़ी मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि टीम ने अभी इस सर्वे को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सूत्रों के अनुसार सेंट्रल जीएसटी टीम बलराज पेट्रोल पंप के पूर्व संचालक मोहम्मद तारीख की शिकायत पर जांच करने पहुंची थी। इस दौरान फर्जी जीएसटी को लेकर शहर में काफी चर्चाएं भी होती रहीं। पूछताछ के दौरान पेट्रोल पंप संचालकों ने अधिकारियों को मोहम्मद तारीख की शिकायत के बाद नाप तौल विभाग, जीएसटी, खाद्य, पुलिस थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जांच रिपोर्ट भी दिखाई। साथ ही पेट्रोल पंप के सभी दस्तावेज को अधिकारियों के हवाले किया। बिलासपुर स्थित जीएसटी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल जीएसटी के दायरे से बाहर है। किंतु कोई भी नया व्यापार संचालन में जीएसटी पंजीयन जरूरी है। लेकिन फर्जी जीएसटी जैसा कुछ नहीं होता। हां लुब्रीकेन्ट में जीएसटी जरूर है।

Posted By: Abrak Akrosh

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