बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Bilaspur News कानन पेंडारी जू से अब एक टाइग्रेस विशाखापत्तनम जाएगी। जू प्रबंधन इसे भी मुफ्त में देगा। उन्होंने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति ले ली है। लेकिन, ले जाने के लिए टीम बिलासपुर कब आएगी इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है। उनसे तारीख मिलते ही कानन प्रबंधन तैयारी में जुट जाएगा। साथ ही उस टाइग्रेस को अलग कर दिया जाएगा, जिसे वे लेकर जाएंगे।

कानन जू के सरप्लस वन्यप्राणियों की सूची में लायन के अलावा टाइगर भी शामिल है। इससे जू प्रबंधन को केज के अलावा आहार की व्यवस्था करने व देखभाल में दिक्कत हो रही थी। इसे देखते हुए ही उन्होंने अतिरिक्त वन्यप्राणियों को दूसरे जू में देने की योजना बनाई।

उन्होंने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की वेबसाइट में सूची डालकर इन वन्यप्राणियों को मुफ्त में देने की पेशकश की। इसके बाद देश के अलग-अलग जू प्रबंधन से कानन पेंडारी जू को ईमेल आ रहे थे। इसमें विशाखापत्तनम जू भी शामिल है। कुछ दिन पहले भोपाल वन विहार जू प्रबंधन कानन से दो लायन लेकर गया है। विशाखापत्तनम को जैसे ही टाइग्रेस देने की हामी भरी गई।

उन्होंने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति मांगी। बिना प्राधिकरण से सहमति मिले कोई भी जू एक-दूसरे को न तो वन्यप्राणी दे सकता है और न अदला-बदली कर सकते हैं। उन्हें स्वीकृति तो मिल गई है। लेकिन विशाखापत्तनम की टीम बिलासपुर कब आएगी और उनकी टीम में कौन-कौन होंगे। इसकी जानकारी नहीं भेजी गई। संभवत माह के अंत तक टीम यहां पहुंच सकती है।

लुधियाना व रोहतक भी कतार में

कानन पेंडारी जू में अभी बाघ व लायन सरप्लस हैं। इन्हें लेने के लिए रोहतक व लुधियाना जू ने भी इच्छा जताई है। इस पर लगभग सहमति बन गई है। लेकिन प्राधिकरण से उन्होंने अनुमति नहीं ली है। इसलिए मामला अटका हुआ है। हालांकि कानन प्रबंधन ने प्लानिंग कर ली है कि कौन-कौन से वन्यप्राणी दिए जाएंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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