बिलासपुर। पचपेड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोन में गुस्र्वार की सुबह 11 साल के बालक को सांप ने काट लिया। उसने इसकी जानकारी स्वजन को दी। स्वजन बच्चे को लेकर झाड़-फूंक कराने बैगाओं के चक्कर काटते रहे। एक बैगा ने उन्हें अस्पताल जाने की सलाह भी दी। इसके बाद भी स्वजन अस्पताल जाने के बजाय बालक को लेकर घर आ गए। घर में बालक की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है।

पचपेड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोन में रहने वाले बालचंद पटेल के दोनों बेटे कमलेश और बलेश बुधवार की रात जमीन पर सोए थे। गुस्र्वार की सुबह छोटा बेटा बलेश बड़े भाई कमलेश को उठा रहा था। इसी बीच बिस्तर के नीचे छिपे सांप ने बलेश की बांह में काट लिया। उसने घटना की जानकारी स्वजन को दी। इस पर स्वजन झाड़-फूंक कराने बच्चे को लेकर पास के गांव कुकुर्दीकला में बैगा के पास गए।

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वहां बैगा मौजूद नहीं था। इस पर स्वजन उसे लेकर गांव गोडाडीह चले गए। वहां मौजूद बैगा ने बच्चे की स्थिति देखते हुए अस्पताल लेकर जाने की सलाह दी। इसके बाद भी स्वजन उसे अस्पताल लेकर नहीं गए। वे बच्चे को लेकर घर आ गए। घर में बालक की मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर गांव के कोटवार ने थाने में इसकी सूचना दी। इस पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव

वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में भी अस्पताल की सुविधा है। गांव-गांव मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद हैं। इसके बाद भी सर्पदंश को लेकर जागरूकता का अभाव है। अंधविश्वास के चलते लोग सर्पदंश के बाद बैगा-गुनिया के चक्कर लगाते हैं। इसके कारण पीड़ित की जान पर बन आती है। हर साल बरसात के मौत में इस तरह की घटना में लोगों की जान चली जाती है।

Posted By: Abrak Akrosh

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