बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

महिलाओं ने राधे-कृष्ण के नाम एक पाती भजनों से लिखी। इसमें एक से बढ़कर एक भजनों से भगवान की मुनहार की गई। साथ ही उनके श्रृंगार, झूला के भी भक्तिमय गीत से अपनी आस्था प्रकट की।

अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन की जिला इकाई की ओर से अग्रवाल महिला समिति व नवयुवक अग्रवाल समिति के सहयोग से अग्रसेन जयंती कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को अग्रसेन भवन से हुई। एक पाती राधे-कृष्ण के नाम से का आयोजन पहले दिन किया गया। इसमें लोरमी से आई भजन मंडली ने भजनों की प्रस्तुति दी। इसी कड़ी में अष्ट सखी बनो प्रतियोगिता हुई। इसमें महिलाएं राधा रानी की अष्ट सखियां ललिता, विशाखा, रंगदेवी, सुदेवी, चित्रा, चंपकलता, इंदुलेखा समेत आठ सखियों के रूप में संवरकर शामिल हुईं। भजनों की धुन पर अष्ट सखियां थिरकती रहीं और कृष्ण आस्था प्रकट करती रहीं। महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवतियां और बालिकाएं भी अष्ट सखियों के रूप में संवकर कार्यक्रम का हिस्सा बनीं।

अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन की प्रांताध्यक्ष आशा अग्रवाल ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से उनकी ओर से अग्रसेन जयंती समारोह के तहत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की जाती है। इसमें धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 65 वर्ष पूर्ण कर चुकी समाज की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान किया गया। साथ ही 100 वर्ष पूर्ण करने वाली बिरदी बाई गुप्ता का विशेष रूप से सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन की प्रांत सचिव उषा अग्रवाल, जिलाध्यक्ष ज्योति सुल्तानिया, जिला इकाई की सचिव अमीता खेड़िया, प्रियंका अग्रवाल, रंजू सुल्तानिया, पिंकी कमलेश अग्रवाल, माया मुरारका, सुनीता चौधरी, सुनीता अग्रवाल, विमला मित्तल, अग्रवाल महिला समिति की ओर से अध्यक्ष सीमा गुप्ता, सचिव विनिता केजरीवाल, ऋचा छापरिया, सीमा गर्ग, वंदना जाजोदिया, रेखा विमलेश अग्रवाल, अनुराधा केड़िया, सुनीता अग्रवाल, पायल गुप्ता, लता झांझरिया, अखिल भारतीय अग्रवाल मारवाड़ी समिति की अध्यक्ष रीता छापरिया उपस्थित रहीं।