बिलासपुर। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ताकतवर नौकरशाह रहे पूर्व आईआरएस अधिकारी अमन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एसआईटी जांच को चुनौती दी है। साथ ही इस पर रोक लगाने की गुहार भी लगाई है। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस प्रशांत मिश्रा के सिंगल बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी ।

सिंह ने केंद्र सरकार के पूर्व एडिशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह व किशोर भादुड़ी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पूर्व में भी उनके खिलाफ शिकायत की गई थी उसके आधार पर जांच भी हुई।

जांच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला जिससे दोष सिद्ध होता। लिहाजा जांच टीम ने क्लीन चिट दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि एक बार जब मामले की जांच हो चुकी है और क्लीन चिट मिल गई है तो दूसरी बार एसआईटी गठित कर जांच कराने के पीछे राज्य सरकार की मंशा ठीक नहीं लग रही है।

याचिकाकर्ता ने एसआईटी जांच को लेकर सवाल उठाते हुए इस पर रोक की मांग भी की है। मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस प्रशांत मिश्रा के सिंगल बेंच में हुई । सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तिथि तय की है।

यह है मामला

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले एक पत्र के आधार पर सिंह के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। डीजीपी डीएम अवस्थी ने आइपीएस दीपक झा के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी भी गठित कर दी है। पीएमओ से की गई शिकायत में सिंह पर छत्तीसगढ़ में संविदा नियुक्ति के दौरान जानकारी छिपाने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि बेंगलुरु में डिप्टी कमिश्नर कस्टम रहने के दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत हुई थी। सीबीआई ने भी उनके खिलाफ जांच की थी।