बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिम्स के चिकित्सकों ने एक बार फिर जटिल सर्जरी कर छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार व निर्माता का पैर कटने से बचा लिया है। बीते दिनों मरीज सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। इसके कारण उसके पैर की हड्डी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में सर्जरी की आवश्यकता रही। आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के चिकित्सकों से दो घंटे तक जटिल सर्जरी करते हुए पैर की एक-एक हड्डी को जोड़ते हुए पैर को कटने से बचाने का काम किया है।

मस्तूरी के ग्राम कोनी में रहने वाला छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकार व निर्माता ओंकार तिवारी पिता कोमल प्रसाद तिवारी 37 वर्ष बीते 28 नवंबर को अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो कर दुर्घटना का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में ओंकार तिवारी का दायां पैर चक्के में फंस गया। इससे पैर की हड्डी चकनाचूर हो गई और उंगलियों को चलाने वाली तार भी टूट कर अलग हो गई। तब मरीज को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच करने के बाद पैर की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सिम्स भेज दिया। सिम्स पहुंचने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. दीपक जांगड़े ने उसकी जांच की।

इसके बाद बताया कि यदि तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो पैर काटना पड़ जाएगा। ऐसे में जितनी जल्दी हो सके सर्जरी करना जरूरी हो गया है। इसके बाद डा. दीपक जांगड़े ने वरिष्ठ चिकित्सक डा. एआर बेन, डा. आरके दास, डा. राजीव सकुजा के मार्गदर्शन में मरीज का जटिल आपरेशन शुरू किया। इस सर्जरी को पूरा करने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा। सर्जरी के दौरान टूट के अलग हो चुकी हड्डियों को लोहे के राड के सहारे जोड़ा गया। साथ ही उंगलियों को हिलाने वाले तार को भी जोड़ा गया, ताकि भविष्य में भी उसकी उंगली काम करते रहे।

वहीं अब सर्जरी के एक सप्ताह के बाद ओंकार के पैरों में सुधार आने लगा और उसका पैर पूरी तरह से सुरक्षित हो गया। साफ है कि चिकित्सकों की तत्परता और सेवा से ही ओंकार का पैर कटने से बच गया है। इस सर्जरी से सिम्स के चिकित्सकों ने एक बार फिर क्षेत्र में अपने चिकित्सकीय क्षेष्ठता साबित की है। सर्जरी में डा. यवेता कुजूर, डा. मिल्टन का भी विशेष योगदान रहा है।

देरी होने के गंभीर परिणाम आते सामने

सर्जरी का नेतृत्व करने वाले डा. दीपक जांगड़े ने बताया कि जब ओंकार पहुंचा तो उसकी हालत गंभीर थी। पैर की हड्डी टूटकर बाहर आ गई थी, खून भी बह गया था। यदि सर्जरी समय पर नहीं होती तो पैर काटने की नौबत आ सकती है। ऐसे में समय रहते सही निर्णय लिया गया और सर्जरी कर उसके पैरों को बचाया गया है।

समय-समय पर कर रहे जटिल सर्जरी

सिम्स में समय-समय पर जटिल सर्जरी हो रही है। इससे क्षेत्रवासियों का सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था पर विश्वास बढ़ रहा है। सिम्स में नए चिकित्सकों की टीम बेहतरीन चिकित्सा सेवा दे रहे हैं। आर्थोपेडिक, ईएनटी डिपार्टमेंट, कैंसर डिपार्टमेंट के साथ अन्य डिपार्टमेंट में बीच-बीच में जटिल सर्जरी कर मरीजों की जान बचाई जा रही है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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