बिलासपुर। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के लिपिकों के वेतनमान सुधार की घोषणा के पालन नही होने से लिपिकों में आक्रोश व्याप्त है। मांग पूरा करवाने के लिए संघ पदाधिकारी व कार्यकर्ता रणनीति तैयार कर रहे हैं। ताकि सरकार उनकी मांगों को लेकर गम्भीरता से विचार करे और जल्द लागू करें।

छग प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 फरवरी 2019 को बिलासपुर में आयोजित अधिवेशन में लिपिक वेतन मान सुधार की घोषणा की थी। घोषणा के तीन वर्ष बीतने के बाद भी लिपिक वेमान सुधार का आदेश नहीं होने से प्रदेश के लिपिक आक्रोशित हैं।

प्रदेश भर के लिपिकों की एक मात्र मांग वेतन विसंगति से निजात पाना है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी अधिकारी इस विषय पर मौन हैं। तिवारी ने बताया की प्रदेश के लिपिक अब सड़क में उतर कर संघर्ष के लिए अपनी रणनीति बना रहे हैं। संघ की आगमी रणनीति 25 जून को रायपुर में आयोजित बैठक में तय होगी। कर्मचारी इतिहास में यह पहला आंदोलन होगा जो कि मुख्यमंत्री की घोषणा के पालन करने के लिए होगा। प्रदेश भर के लिपिक राजधानी रायपुर में एकत्र होकर आदोलन की रूप रेखा तय करेंगे।

निगम के अनियमित कर्मचारियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नगर निगम के अनियमित कर्मचारी शशांक गुप्ता, अजय सोनी समेत संघ के सभी कर्मचारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी ने संघ के कर्मचारियों ने मुलाकात की। बीते कई सालों से सैकड़ों कर्मचारी नगर निगम में काम करते आ रहे हैंं। सभी अनियमित कर्मचारी के पद पर पदस्थ हैं। वे कर्मचारी शासन के सभी योजनाओं को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सभी कर्मचारी ईमानदारी पूर्वक निगम प्रशासन से लेकर राज्य सरकार के काम को संचालित कर रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनने से पहले घोषणा की गई थी कि सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर नगर निगम के अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।सरकार को बने तीन साल बीत गए पर अभी तक नियमित नहीं किया गया है। शासन-प्रशासन की ओर से नियमितीकरण को लेकर कोई कार्यवाही भी नहीं की गई है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close