बिलासपुर। Bilaspur News: आयुष्मान भारत योजना से उपचार करने के लिए चयनित निजी अस्पताल मनमानी कर रहे हैं। इसकी शिकायत लगातार स्वास्थ्य विभाग को मिल रही है। इसमें बताया जा रहा कि अस्पताल प्रबंधन अपनी मर्जी से हितग्राहियों का उपचार करते हैं। कई बार बिना कारण मना कर दिया जाता है। इसकी वजह मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है।

जिले में 40 निजी अस्पताल का आयुष्मान भारत से उपचार करने के लिए चयनित किया गया है। ये अस्पताल हितग्राहियों का उपचार करने के लिए बाध्य हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन सीमित संख्या में ही मरीजों का आयुष्मान से उपचार कर रहा है। इस बीमारी के पैकेज में फायदा ज्यादा है, उसी के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वहीं जिस बीमारी के उपचार का पैकेज कम है, उन्हें मना कर दिया जाता है। ऐसे मरीजों उपचार के लिए मरीज से नकद राशि मांगी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग को इस तरह की दर्जनों शिकायत मिल चुकी है। मामले की जांच करने में कुछ अस्पताल के मना करने की बात भी सामने आ चुकी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि उपचार नहीं करना है तो साफ मना कर दें। ताकि आयुष्मान से उपचार करने का अधिकार अस्पताल से वापस लिया जा सके। अन्यथा पहुंचने वाले सभी मरीजों को आयुष्मान से लाभांवित करना होगा। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने जानकारी दी है कि इस तरह की गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है। उन्हें चेतावनी दी जाएगी, फिर भी नहीं माने तो आयुष्मान से उपचार करने का अधिकार छीनने के साथ कार्रवाई भी की जाएगी।

Posted By: sandeep.yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local