बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

यह बहुत कम लोगों को पता होगा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बिलासपुर में रेलवे जोन गठन की मांग को लेकर संसद में मामला उठाया था। न केवल इसे मुद्दा बनाया वरन जोन गठन की पुरजोर वकालत भी की थी । 30 जुलाई 1996 को रेल बजट अभिभाषण के बाद अटलजी ने बिलासपुर रेलवे जोन गठन का मुद्दा उठाया । नईदुनिया के पास उनके भाषण के अंश उपलब्ध हैं।

हम हुबहू उनकी बातों का उल्लेख कर रहे हैंं । अध्यक्ष महोदय,मैं एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना चाहता हूं। बजट पर पर चर्चा के दौरान अनेक सदस्यों ने बिलासपुर को एक जोनल हेडक्वार्टर बाने की मांग की थी जो कि अभी डिवीजन है। वह सबसे ज्यादा फायदा देने वाल डिवीजन है। महत्पूर्ण स्थान केंद्रित है। बाहर भी इसके बारे में व्यापक मांग हो रही है। इस समय प्रधानमंत्री जी मौजूद हैं और मैं समझता हूं कि बिलासपुर को एक जोनल हेडक्वार्टर बनाने में काई आपत्ति नहीं होनी चाहिए । मैं चाहता हूं कि मंत्री महोदय,प्रधानमंत्री जी की सलाह से इस संबंध में एलान कर दें। बिलासपुर में रेलवे जोन गठन को लेकर अटल जी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने स्वयं इसकी मांग सदन में उठाया था। यही नहीं प्रधानमंत्री बनने के बाद जोन गठन की घोषणा भी उनकी पहल पर तत्काली रेल मंत्री नीतिश कुमार ने की थी। तब अटलजी ने जोन संघर्ष समिति की मांग पर कागज के एक टुकड़े में रेल मंत्री नीतिश को जोन गठन के संबंध में लिखी थी। उनके पर्चे पर तत्काल कार्रवाई हुई और रेल मंत्री ने रेलवे जोन गठन की घोषणा कर दी । रेलवे जोन गठन के वक्त वे यहां आए थे। रेलवे के सेकरसा मैदान में सभा को संबोधित करने के बाद छत्तीसगढ़ भवन पहुंचे। छत्तीसगढ़ भवन में जोन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने उनसे मुलाकात की । पत्रिका विमोचन के संबंध में उनसे चर्चा की । उन्होंने हामी भी भरी । संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि तब पीएमओ ने पत्रिका के विमोचन के लिए आपत्ति दर्ज कराई थी। पीएमओ के विरोध के बाद भी अटलजी ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की भावना को देखते हुए छत्तीसगढ़ भवन में पत्रिका का विमोचन किया और पदाधिकारियों के साथ फोटो भी खिंचाई ।

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