बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के लिए अवसर प्रदान करने भरसक प्रयास किया जा रहा। इसी कड़ी में मुंगेली जिले से बैगा समुदाय के कलाकार ने राष्ट्रीय नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा आयोजित दुर्लभ वाद्य यंत्रों पर केंद्रित राष्ट्रीय समारोह "ज्योतिर्गमय" में हिस्सा लिया।

वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर संगीत नाटक अकादमी के द्वारा आयोजित इस समारोह में पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय के संयोजन में 25 जून को बस्तर के दुर्लभ वाद्य यंत्रों पर केंद्रित प्रस्तुति प्रदर्शित की गई। इसमें लोरमी विकासखंड के वनांचल ग्राम डगनिया के बैगा कलाकार डोमार सिंह बैगा ने भी प्रस्तुति दी। उन्होंने दुर्लभ वाद्य का सस्वर वादन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलेक्टर डा. गौरव सिंह ने जिले के अति पिछड़ी जनजातीय समुदाय के बैगा कलाकार डोमार सिंह बैगा द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लोगों को मंत्रमुग्ध करने पर खुशी जताई।

उन्होंने कहा कि डोमार सिंह बैगा ने दुर्लभ तांत्रिका वाद्य किनारी वादन- गायन पर केंद्रित प्रस्तुति कर प्रदेश एवं जिले को गौरवान्वित किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय नाटक अकादमी नईदिल्ली द्वारा वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दुर्लभ वाद्ययंत्र बजाने वाले कलाकारों को मौका दिया गया था।

सहयोग से ही समाज का विकास: छोटेलाल

सन्नााड्य क्षत्रिय कुर्मी समाज की कार्यकारिणी की बैठक अमसेना में हुई। इसमें समाज के अध्यक्ष छोटेलाल कौशिक ने कहा सामाजिक सहभागिता से विकास होता है। इसमें सभी का समान योगदान होता है। उन्होंने कहा कि समाज सभी के लिए समान होता है। सभी की भावना और विचारों का समान भाव से सम्मान किया जाता है। अतिथियों के उद्बोधन में समाज के उपाध्यक्ष अधिवक्ता श्यामता प्रसाद ,समाजसेवी संतोष कौशिक गुरुजी,वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य बद्रीप्रसाद कौशिक इत्यादि ने अपने विचार रखते हुए समाज के विकास में योगदान की बात कही। इस अवसर पर प्रभात कौशिक, मनहरण लाल वर्मा, प्रहलाद कौशिक, मनमोहन कौशिक, घनश्याम कौशिक, मणिशंकर कौशिक, नरेंद्र अन्य उपस्थित रहे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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