बिलासपुर। शहर से आठ किलोमीटर में ग्राम बैमा नगोई में स्थापित माँ महामाया देवी मंदिर है जहां माह में पड़ने वाली सभी पुर्णिमा को मां महामाया परिसर में कन्या पूजन किया जाता है एवं कन्याओं को भोजन कराया जाता है। समिति के साथ मिलकर शांता फाउंडेशन बिलासपुर के द्वारा पुर्णिमा एवं छेरछेरा के शुभ अवसर पर माता स्वरूप कन्याओं की पूजा अर्चना एवं कन्या भोजन में सहभागी बने।

शांता फाउंडेशन के सदस्यों ने मां दुर्गा के रूप में आये सभी कन्याओं को श्रद्धा पूर्वक पूजनोपरांत भोजन कराया। मां महामाया समिति के साथ मिलकर शांता फाउंडेशन के सदस्यों के द्वारा कन्याओं को भोजन में खीर-पूड़ी मिष्ठान एवं फल दिए गए। अनुष्ठान के साथ ही विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया।

इस दौरान पूरा परिसर आस्था एवं श्रद्धा में सराबोर रहा। मां महामाया को समर्पित हर एक पूर्णिमा में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान संस्था के संस्थापक नीरज गेमनानी, नेहा तिवारी, रुपाली पांडेय, पूर्णिमा पांडेय, दानेश राजपूत, विवेक विश्वकर्मा, जय प्रकाश तिवारी, रोहन तलवानी उपस्थित रहे।

संस्था का रहता है सहयोग

शांता फाउंडेशन की ओर से समाज के जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहयोग किया जाता है। बीते दिनों शांता फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कुष्ठ बस्तियों में पहुंचकर रोगियों को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाया गया। इसी तरह पुराना बस स्टैंड में लोगों को सर्दी से बचाने के लिए कंबल का भी वितरण किया गया। छात्राओं को सेनेटरी नैपकीन का भी वितरण किया जाता है। इसके लिए पहले स्कूल का चयन किया जाता है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन से चर्चा कर संस्था की महिला सदस्यों द्वारा नैपकीन का वितरण किया जाता है।

Posted By: anil.kurrey

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