बिलासपुर। खुशबू शर्मा गुप्ता प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास कालीबाड़ी, रायपुर में छात्रावास अधीक्षक के पद पर पदस्थ थी। उक्त पदस्थापना के दौरान पांच नवम्बर 2021 को सचिव आदिम जाति विकास विभाग द्वारा एक आदेश जारी कर उनका तबादला शासकीय प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास आरंग कर दिया गया। तबादला आदेश को चुनोती देते हुये खुशबू शर्मा गुप्ता ने वकील अभिषेक पाण्डेय एवं दीपिका सन्नाट के जरिये छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की है।

वकील अभिषेक पाण्डेय ने हाई कोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत् यह प्राविधान है कि यदि पति एवं पत्नी दोनों छत्तीसगढ़ शासन के अधीन किसी शासकीय सेवा में पदस्थ हैं तो उनका यथासंभव एक ही स्थान पर तबादला का प्रयास किया जाएगा। याचिकाकर्ता के पति सुनील गुप्ता मंत्रालय रायपुर में सहायक ग्रेड-दो के पद पर पदस्थ हैं। इस बात की जानकारी याचिकाकर्ता द्वारा देने के बाद भी सचिव आदिम जाति विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की स्थानांतरण नीति का उल्लंघन करते हुए याचिकाकर्ता का स्थानांतरण रायपुर से आरंग कर दिया गया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल के सिंगल बेंच में हुई। याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस अग्रवाल ने सचिव आदिम जाति विकास विभाग द्वारा याचिकाकर्ता का रायपुर से आरंग किये गये तबादला आदेश पर रोक लगा दिया है। सिंगल बेंच ने सचिव, आदिम जाति विकास विभाग रायपुर को यह निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करें।

क्या है शासन का नियम

पति-पत्नी अगर एक ही जगह पर शासकीय सेवा में पदस्थ हैं तो नॉय।अनुसार उनका तबादला अलग-अलग जगह के लिए नहीं किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में शासन के नियमों को ही आधार बनाया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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