बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रतिबंधित करील शहर में ट्रेन के माध्यम से पहुंच रही है। शनिवार को ऐसी ही एक सूचना पर वन विभाग की टीम ने आरपीएफ की मदद से शहडोल- बिलासपुर लोकल ट्रेन में 20 बोरी करील जब्त की है। करील तस्कर भी ट्रेन में थे, लेकिन जांच टीम को देखकर वह सामने नहीं आए। यही वजह है कि पूछताछ करने के बाद भी आरोपितों की पहचान नहीं हो सकी। ऐसे में ट्रेन करील से भरी बोरियों को उतारा गया।

बांस के जंगल संकट में हैं। करील एक तरह से बांस का शिशु है, जो आगे चलकर पेड़ बनता है। पर कमाई के चक्कर भी लोग करील एकत्र कर सीधे शहर व आसपास के बाजारों में बेच देते हैं। इसे देखते हुए शासन के द्वारा करील की खरीदी व बिक्री दोनों प्रतिबंधित कर रखा है। इसके बावजूद ग्रामीण इसकी बिक्री कर कमाई कर रहे हैं। वन विभाग की टीम भी ऐसे तस्करों पर पैनी नजर रखती है। इसी का नतीजा है कि वन मंडल को सूचना मिली की शहडोल- बिलासपुर लोकल ट्रेन में बड़ी मात्रा में करील की तस्करी हो रही है।

यह उसलापुर स्टेशन या बिलासपुर स्टेशन के आउटर में फेंका जाएगा। जानकारी मिलते ही बिलासपुर के प्रभारी सहायक वन परिक्षेत्र नमित तिवारी व सोठी सहायक परिक्षेत्र अधिकारी हाफिज खान टीम अन्य वनकर्मियों को लेकर उसलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने आरपीएफ आउटपोस्ट प्रभारी एनपी मिश्रा से मदद मांगी और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग व आरपीएफ की टीम ने एक साथ ट्रेन के कोच में जांच की। बर्थ के नीचे एक या दो नहीं, बल्कि 20 बोरियों में करील भरी हुई थी। जब इसे लेकर आने वाले की पहचान करने के लिए पूछताछ की गई तो कोई भी सामने नहीं आया। लिहाजा करील बरामद कर लिया गया।

नियमित होगी जांच, होगी कार्रवाई

करील ट्रेन से आ रही है। इसे लेकर वन विभाग गंभीर हो गया है। अब ट्रेनों में नियमित जांच करने की योजना बनाई है। इस दौरान आरपीएफ की मदद भी ली जाएगी। हालांकि ट्रेनें रद हैं। इसलिए जो चल रही हैं, उनकी जांच की जाएगी। इस दौरान करील की सप्लाई करने वालों की धरपकड़ कर उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा।

Posted By: Abrak Akrosh

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