बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शुक्रवार को कालीचरण महाराज के कार्यक्रम से पहले प्रशासन और पुलिस ने लखीराम आडिटोरियम में ताला लगा दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित अनुमति मिलने के बाद भवन का ताला खोलने की बात कही। इसके बाद आयोजक और कालीचरण महाराज के समर्थक भड़क गए। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही एसपी और सिविल लाइन थाना प्रभारी पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। दोपहर तक पुलिस उन्हें समझाने में लगी थी। बाद में आडिटोरियम का ताला खोला गया। हालांकि कार्यक्रम में कालीचरण महाराज नहीं पहुंचे।

भगवा ब्रिगेड की ओर से शुक्रवार को दुर्गोत्सव समितियों के पदाधिकारियों के सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए भगवा ब्रिगेड की ओर से एक महीने से तैयारियां की जा रही थीं। गुस्र्वार की रात प्रशासन के अधिकारियों ने संगठन के सदस्यों को फोन कर कार्यक्रम निरस्त करने को कहा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार की सुबह आडिटोरियम में ताला लगा दिया। इसकी जानकारी होते ही संगठन के सदस्य भड़क गए।

उन्होंने प्रशासन और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने एसपी पास्र्ल माथुर और सिविल लाइन थाना प्रभारी परिवेश तिवारी के खिलाफ भी नारे लगाए। हंगामा बढ़ते देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन के सदस्यों को समझाइश दी। हंगामे के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आडिटोरियम का ताला खोल दिया गया। इसके बाद संगठन के सदस्यों ने सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया। हालांकि कार्यक्रम में कालीचरण महाराज नहीं पहुंचे।

कौन हैं कालीचरण

कालीचरण महाराज मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। वे रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आए थे। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। इस दौरान भी उनके समर्थकों ने खूब हंगामा किया था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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