राधाकिशन शर्मा, बिलासपुर। Bhaiyaji Kahin: डीएलएस कालेज के चेयरमैन व कांगे्रेस नेता बसंत शर्मा का असमय जाना सबको निराश कर गया। कोरोना ने कांग्रेस से ऊर्जावान कार्यकर्ता और स्वजनों से उनका अपना छीन लिया। संक्रमण के दौर में तेरहवीं का कार्यक्रम था। स्वजनों को इसका ख्याल भी था कि समय ठीक नहीं है। लिहाजा कर्मकांड के अनुसार उनकी क्रिया को सम्पन्न् कराया। पिता व चाचा की याद को चिरस्थाई रखने के लिए बच्चों ने गजब का काम किया। पिता के सपनों का संसार कालेज परिसर में उन पौधों का रोपण किया जो आक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। पीपल, बरगद, नीम व कदम के पौधे रोपे। संक्रमण के इस दौर में आक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बच्चों ने आक्सीजन उत्सर्जन करने वाले पौधे रोपकर दूसरों को भी इस तरह के पौधों को ज्यादा से ज्यादा लगाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया है। स्वजन को खोने के बाद बच्चों ने अनुकरणीय कार्य किया है।

इनकी रसोई ना रहे सूनी

जिले में 14 अप्रैल से लाकडाउन चल रहा है। रोज कमाने खाने वालों के अलावा रिक्शा आटो चालक सहित समाज का एक बड़ा तबका हाथ पर हाथ धरे बैठा है। जाहिर सी बात है घर मे फांके की स्थिति है। दिन बेकारी में कट रहा है और रातें चिंता में। असमंजस की स्थिति है। कुछ कर भी नहीं सकते। बस अच्छे दिन की उम्मीद लिए आने वाले सुनहरे कल का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की बेबसी किसी से छिपी हुई नहीं है। अफसोस ये कि इन गरीबों के लिए मदद के हाथ नहीं उठ रहे हैं। महापौर रामशरण यादव ने एक बार फिर संवेदनशीलता दिखाई। गरीबों की रसोई सूनी ना रहे उनको दो वक्त का भोजन मिले इसलिए रसोई का सामान गरीबों के घर पहुंचाने का प्रबंध कर दिया। अफसरों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिया गया है। गरीबों को दो वक्त के भोजन का प्रबंधन होता रहे।

चाहे जो करूं मेरी मर्जी

बंगाल चुनाव परिणाम के बाद तृणमूल कांग्रेसियांे ने जीत के उत्साह को उत्पात में बदल दिया है। अति उत्साही कार्यकर्ता भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को फूंक रहे हैं। जश्न अब बदले की भावना में बदल गया है। सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता खूनी खेल खेल रहे हैं। बंगाल का पूरा दृश्य ही बदल गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है। तृणमूल कांग्रेसियों के उत्पात के बीच बुधवार को दीदी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भाजपा आलाकमान ने हिंसा और उत्पात के विरोध में देश व्यापी धरना प्रदर्शन का एलान किया था। बुधवार को बिलासपुर को छोड़कर देशभर के भाजपाइयों ने घर में बैठकर वर्चुअल धरना दिया व दीदी व उनकी पार्टी को जमकर धिक्कारा। जिले के मुखिया और दिग्गज शायद कल ज्यादा ही व्यस्त थे। तभी तो निर्देशों की परवाह नहीं की। जिले के भाजपाइयों ने गुरुवार को समय निकालकर तीन घंटे टीएमसी सुप्रीमों और कार्यकर्ताओं को कोसा।

अस्पताल प्रबंधन की ऐसी लापरवाही

कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक होती जा रही है। शहर हाटस्पाट बना हुआ है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में कोरोना कहर बरपा रहा है। संक्रमण और मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। गांव की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब होने लगी है। जानकारी का अभाव कहें या फिर इलाज में लापरवाही। कारण चाहे जो भी हो लोगों की जान कोरोना ले रहा है। गंभीर हालत में ग्रामीण सरकारी कोविड अस्पताल आ रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन है कि समय पर इलाज करने में कोताही बरत रहा है। बिल्हा ब्लाक की एक महिला इलाज के लिए कोविड अस्पताल के दरवाजे पर तड़पती रही। सांसों को बचाने स्वजन मिन्न्तें करते रहे। इलाज तो दूर डेडिकेटेड कोविड अस्पताल का भारी भरकम दरवाजा ही उस अभागी महिला के लिए नहीं खुला। एंबुलेंस में ही सांसे उखड़ गई। स्वजनों का भरोसा टूट गया। इसका दोष किस दें प्रबंधन या फिर सिस्टम को।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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