बिलासपुर। न्यायधानी में एक ऐसा भी मंदिर है जहां भक्त ग्रह दोष निवारण के लिए पहुंचते हैं। कालसर्प दोष से मुक्ति हो या फिर नवग्रह शांति, पितृदोष, मंगल दोष, महामृत्युंजय जप सहित अनेक अनुष्ठान वैदिक रीति किया जाता है। भगवान भोलेनाथ यहां अपने भक्तों की हर समस्या को हर लेते हैं। मान्यता है कि यहां माथा टेकने मात्र से संकट दूर हो जाते हैं।

मंदिर के पुजारी व ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी की मानें तो भगवान भोलेनाथ का वैसे तो सोमवार को विशेष वार होता है। लेकिन ग्रह दोष के मुताबिक अलग-अलग दिनों में पूजा अर्चना की जाती है। मंदिर में ग्रह दोष निवारण और कालसर्प दोष निवारण के लिए विशेष पूजन होता है। इस वजह से यहां बड़ी संख्या में आस्थावान अपने दोषों के निवारण के लिए पहुंचते हैं। कालसर्प दोष निवारण के लिए होने वाले पूजन में नासिक से लाई गई मिट्टी से शिवलिंग समेत नागफस यंत्र बनाकर पूजन करवाया जाता है।

मान्यता है कि कालजयी महादेव उज्जैन के महाकालेश्वर के रूप में हैं।वे अपने भक्तों के सभी दोषों और व्याधियों को दूर कर अभय का वरदान देते हैं। इसी वजह से इनके समक्ष सभी प्रकार की कुंडलियों में उपस्थित सभी प्रकार के दोषों के निवारण के लिए मंत्रों व जाप समेत पूजन होता है। भगवान महादेव कालजयी के रूप में विराजित हैं और सभी दोषों को दूर कर भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। इस वजह से मंदिर में कोरबा, जांजगीर चांपा, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, रायपुर, अंबिकापुर समेत कई जगहों से भक्त यहां पहुंचते हैं।

निश्शुल्क कुंडली विश्लेषण सेवा

मंदिर में स्थापित कालजयी महादेव के समक्ष आने वाले भक्तों की कुंडली विश्लेषण समेत अन्य सेवाएं भी निश्शुल्क प्रदान की जाती है। इसके अलावा इस मंदिर में लोगों हिंदू रीति-रिवाज और धर्म के प्रति जागरूक भी किया जाता है, ताकि लोग समाज में एक दूसरे का सहयोग और सेवा कर सकें।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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