धीरेंद्र सिन्हा, बिलासपुर। ऋषि-मुनियों ने योग-अभ्यासों को विकसित किया और उसे शिष्यों माध्यम से समाज तक पहुंचाया। जिसका एकमात्र मकसद समाज को स्वस्थ्य बनाना था। अब इसका दुरुपयोग भी शुरू हो गया है। यू-ट्यूब, टीवी से नुकसान भी हो रहा है। वहीं कुछ फर्जी हेल्थ सेंटर में उटपटांग आसन कराकर लोगों को ठग रहे हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय में योग साइंस की पढ़ाई होती है। सात हजार से अधिक योग प्रशिक्षक बनकर सफल कॅरियर का निर्वहन कर रहे हैं। योग प्रशिक्षण के दौरान जो फीडबैक आ रहा है वह चौंकाने वाला है। जिसके मुताबिक यू-ट्यूब व टीवी देखकर योग आसन करने में खतरा ज्यादा है। आंख के साथ स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। क्योंकि वर्तमान में अधिकांश लोग किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है।

योग प्रशिक्षक उनका वजन, बीमारी, उंचाई आदि चीजों को ध्यान में रखकर आसन कराता है। जबकि यू-ट्यूब व टीवी में रिकार्डेट होता है। जिसमें लोग अपने हिसाब से घर या दफ्तर में करते हैं। किसी भी मापदंड को देखने वाला कोई नहीं होता। यानी इस बीच अगर कोई समस्या हुई तो उसका निराकरण तत्काल संभव नहीं है। दूसरी बड़ी समस्या फिटनेस सेंटर द्वारा विज्ञापन के माध्यम से लोगों को आकर्षित कर गलत आसान बताया जाता है। जबकि योग अभ्यासों में इनका कोई लेना देना नहीं है। इसके एवज में जमकर कमाई की जा रही है। शहर में ऐसे दुकान खुल गई है।

बीयर योगा, चॉकलेट योगा नहीं

फिटनेस सेंटर या घर आकर योग सिखाने के नाम पर कुछ लोग खूब कमा रहे हैं। न्यूड योगा, बीयर योगा, पावर योगा, चॉकलेट योगा, सेक्स बढ़ाने के लिए तंत्र योगा आदि, जो योग का उद्देश्य नहीं है। हर स्वामी संन्यासी, बाबा या योगी योग शिक्षक नहीं है। इस बारे में भ्रम की स्थिति ज्यादा है। इसी तरह, योग और आयुर्वेद सामग्री एक दूसरे से अलग मामला है। योग समग्र जीवन पद्घति है।

जांच नहीं, सर्कस बनते जा रहा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस मानना शुरू किया है, जिसके कारण योग करने का चलन बढ़ा है। किसी चीज की मांग बढ़ने से उसके कुछ बुरे परिणाम भी होते हैं, जिसका असर व्यक्ति को भुगतना पडता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए आधुनिक विश्व में योग बहुत ही सशक्त माध्यम है। जांच का कोई मापदंड नहीं है। अधिकांश लोगों ने योगा को सर्कस बना दिया है।

आसन करने में रखें सावधानी

भोजन के तुरंत बाद न करें योग। योग का कोई सटीक समय नहीं है लेकिन सुबह सूरज निकलने से पहले और शाम को सूरज डूबने के बाद योग करना श्रेयस्कर होता है। गर्भवती स्त्री हर योग न करें। सबसे पहले हल्के योग करने चाहिए। ठंडे पानी से करें परहेज करें। योग की शुरूआत कर रहे हैं तो पहले आपको योगा गुरु से योग सीखना होगा। अन्यथा आपके शरीर को चोट पहुंच सकती है। योग के तुरंत बाद न नहाएं। बीमारी में अवाइड कर दे योग। एकांत में कीजिए योग।

कॅरियर निर्माण में मददगार

योग से कॅरियर निर्माण आसान है। एक साल के डिप्लोमा कोर्स के बाद सरकारी संस्थाओं के अलावा प्राइवेट हेल्थ सेंटर, होम विजिट, हॉस्प्टिल आदि सेक्टर में हाथो हाथ उठाया जा रहा है। लेकिन कुछ लोग ज्यादा कमाने के चक्कर में लालच में आ जाते हैं। जो उनके व समाज के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। यू-टयूब व टीवी व गुगल से आसन करने में खतरा अधिक है।- सौमित्र तिवारी, एचओडी, योग साइंस, अटल बिहारी वाजपेयी विवि