बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालकों का तीन दिवसीय प्रदर्शन खत्म होने के बाद दुकानों में हितग्राहियों की भीड़ लगने लगी है। राशन लेने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के कारण ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों की दुकानें बंद रही। हितग्राही तीन दिनों तक चावल से वंचित थे। शुक्रवार से सभी दुकानें खुल गई है। अब हितग्राहियों को चावल दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक विक्रेता कल्याण संघ के आह्वान पर छह सूत्रीय मांग को लेकर जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहे। गुरुवार को कलेक्टोरेट कार्यालय के सामने संचालकों ने प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर नारेबाजी की गई है। इस दौरान दुकानें बंद रही। हितग्राहियों को राशन वितरण बाधित रहा। हितग्राहियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं नवंबर माह का प्राप्त नहीं करने वाले लगभग हजारों हितग्राहियों की परेशानी बढ़ गई है। उनके पास अब ज्यादा दिनों का चावल नहीं बचा है। ऐसे में हितग्राही परेशान हैं।

शहर की दुकानों से लेकर बिल्हा, मस्तूरी, कोटा और तखतपुर के दुकानों में भी ग्रामीणों को लाइन लगाना पड़ रहा है। दुकान संचालकों का कहना है कि शासन के नए सिस्टम और सर्वर की वजह से राशन वितरण में देरी हो रही है। आएदिन सर्वर ठप हो रही। इस दौरान राशन वितरण नहीं हो पाता है। जब सर्वर रहती है, तब भी दो से तीन बार मशीन में फिंगर लगाकर राशन वितरण करना पड़ रहा है। इस वजह से बहुत ज्यादा समय लग रहा है। प्रक्रिया में देरी की वजह से हितग्राहियों से विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। पदाधिकारियों ने बताया कि हड़ताल अभी स्थगित किया गया है। यदि आने वाले दिनों में समस्या का निराकरण व मांग पूरी नहीं होने पर फिर से प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मांगों को लेकर शासन का ध्यान कई बार आकृष्ट कराया जा चुका है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close