बिलासपुर। एएसआइ की फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने के मामले में गिरफ्तार आरक्षक को एसपी पास्र्ल माथुर ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरोपित आरक्षक फिलहाल जेल में है। वहीं, मामले में भाजपा पार्षद और निगमकर्मी को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपित न्यायालय के आदेश पर जेल में हैं। एएसपी सिटी उमेश कश्यप ने बताया कि कोटा के फिरंगीपारा में रहने वाली पीयूष प्रजापति(28) 16 जून को एसपी आफिस में एएसआइ के पद पर ज्वाइनिंग के लिए आया था।

उसने आफिस के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिखाकर ज्वाइनिंग की बात कही। एएसआइ की भर्ती प्रक्रिया नहीं होने के कारण आफिस के कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र फर्जी होने की आशंका हुई। उन्होंने इसकी जानकारी एसपी पास्र्ल माथुर को दी। एसपी ने युवक को अपने आफिस में बुलाकर पूछताछ की। इसमें वह गोलमोल जवाब दे रहा था। एसपी ने सिविल लाइन पुलिस को इसकी जांच के निर्देश दिए। इस पर पुलिस युवक को लेकर थाने आ गई। यहां कड़ाई करने पर उसने नौकरी के लिए निगमकर्मी भोजराज नायडू के कहने पर भाजपा पार्षद रेणुका नागपुरे को आठ लाख स्र्पये देना बताया।

इस पर पुलिस निगमकर्मी और भाजपा पार्षद को थाने ले आई। यहां पूछताछ में पार्षद ने बताया कि पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक पंकज शुक्ला ने नियुक्ति पत्र दिया है। पुलिस ने आरक्षक को हिरासत में लेकर थाने आ गई। यहां पूछताछ में उसने अपने घर में नियुक्ति पत्र तैयार करना बताया। पुलिस ने आरोपित आरक्षक का लैपटाप और मोबाइल जब्त कर लिया है। मामले की जांच के बाद एसपी पास्र्ल माथुर ने आरक्षक को पुलिस विभाग की सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

Posted By: Abrak Akrosh

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