बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सोलर सिस्टम लगाने के नाम पर सिविल ठेकेदार ने ग्राहक से 80 हजार रुपये ले लिए। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया और काम बंद कर दिया। ग्राहक ने इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में की। फोरम ने मामले की सुनवाई करते हुए ठेकदार को जुर्माना व वाद व्यय की राशि 45 दिवस के भीतर ग्राहक को अदा करने का फैसला सुनाया है।

तारबाहर लिंक रोड के रहने वाले गजानंद बुरंगे पिता श्रीकृष्ण बुरंगे (54) ने स्वरोगार के लिए होटन शिवनेरी के बगल में सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहे थे। इस बीच उन्होंने व्यापार विहार के प्रियदर्शिनी नगर के रहने वाले जवाहर लस्कर सिविल ठेकेदार से मुलाकात की। गजानंद ने मकान की दूसरी मंजिल में निर्मित टीन शेड वाले कमरे के टावर के ऊपर सोलर सिस्टम लगाने सिविल ठेकेदार जवाहर से सौदा तय किया। एक जनवरी 2014 को ठेकेदार ने आरसीसी लेंटर ढलने के लिए सौ रुपये प्रति वर्गफीट की दर से 80 हजार रुपये में ठेका लिया गया था। गजानंद ने तत्काल अनुबंध पत्र में लिखा-पढ़ी कर 20 हजार रुपये अग्रिम राशि प्रदान की।

अनुबंध के तहत गजानंद ने 28 जनवरी को बीस हजार रुपये, 16 फरवरी को 20 हजार रुपये और 28 मार्च को 20 हजार रुपये दिए। इस तरह से कुल 80 हजार रुपये ठेकेदार को दे दिए। राशि प्राप्त करने के बाद ठेकेदार द्वारा बहुत धीमी गति से निर्माण कार्य शुरू किया और बड़ी मुश्किल से लेंटर ढलाई की। इस बीच ठेकेदार ने लेंटर पर पानी निकासी के लिए क्यारी नहीं बनाई, सिर्फ प्लास्टर करवा कर काम बंद कर दिया। गजानंद ने जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। फोरम के अध्यक्ष जगदम्बा राय ने मामले की सुनवाई करते हुए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया और सिविल ठेकेदार जवाहर लस्कर को शेष निर्माण कार्य की राशि बीस हजार रुपये छह प्रतिशत वार्षिक की दर से साधारण ब्याज और मानसिक क्षतिपूर्ति पांच हजार रुपये व परिवादी व्यय तीन हजार रुपये ग्राहक को अदा करने निर्देश दिए।

Posted By: Abrak Akrosh

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