बिलासपुर। पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने पुलिस ग्राउंड में प्रतिवर्ष निगम के द्वारा मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव के आयोजन को वित्तीय संसाधन के अभाव में नही मनाने के निर्णय पर जारी बयान में कहा कि कांग्रेस की कंगाल हो चुकी सरकार सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं के संरक्षण का दिखावा करती है,हिंदू धर्म में विजयादशमी के पर्व का विशेष महत्व होता है। पूरे भारत में उत्सव मनाया जाता है इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था तभी से हर साल दशहरा यानी विजयादशमी के दिन लोग रावण के पुतले का दहन करके बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाते हैं।

आश्चर्य है कि बिलासपुर जैसे बड़े नगर निगम में लोक परंपराओं के निर्वहन के लिए फंड नहीं है। लेकिन मोहल्लो और वार्डो में राजीव मितान क्लब को जनता की कमाई लुटा कर छत्तीसगढ़ी ओलंपिक के नाम पर खेलो के कांग्रेसीकरण करने के लिए पैसा है। जिला प्रशासन को चाहिए भारतीय जनता पार्टी को हिंदू आस्थाओं की परंपरा के प्रतीक दशहरे पर रावण दहन की अनुमति प्रदान करें।

आज कंगाल और दोहरे चरित्र वाली सरकार के पास लोक पर्व को मनाने के लिए पैसे नहीं है तो ना सही, भाजपा पार्षद दल प्रशासन से अनुमति प्रत्याशा में रावण दहन की तैयारी में है, सारा खर्च हमारा पार्षद दल के द्वारा समूचे देश की सांस्कृतिक परंपरा के निर्वहन में स्वयं वहन करेगा और लंकापति रावण के चरित्र वाली निकम्मी कांग्रेस सरकार का दहन आने वाले चुनाव में जन—जन में बसे श्रीराम खुद करेंगे।

गरमाने लगी है राजनीति

पुलिस मैदान में आयोजित की जाने वाली विजयादशमी महोत्सव को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। निगम ने कार्यक्रम से हाथ खींच लिया है। इसके बाद से ही शहर की राजनीति गरमा गई है। निगम की न के बाद भाजपा पार्षद दल के अलावा सामाजिक संगठनों ने भी कार्यक्रम करने को लेकर अपनी सक्रियता बढा दी है। चर्चा तो यह भी है कि नगर विधायक शैलेष पांडेय की मुख्यमंत्री से चर्चा और सीएम की गई कलेक्टर को दोटूक के बाद निगम के अफसरों की सक्रियता बढ़ गई है। इसके अलावा सामाजिक संगठनों द्वारा उत्सव मनाने की अपनी तैयारी को लेकर भी निगम पर दबाव बनने लगा है।

पुलिस मैदान में होगा नगर निगम का रावण दहन

आखिरकार नगर निगम के जनप्रतिनिधियों ने अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करने के निगम का रावण दहन न कराने की बात कही। वही इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के बीच हो रहे गुटीय राजनीति भी खुलकर सामने आ गई, जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीरता से लिया। वही इस बात को लेकर अपने निगम के प्रतिनिधियों को जमकर फटकार भी लगाई।

साथ ही कहा कि शहर की चली आ रही परंपरा को किसी हाल में खत्म नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे में पुलिस मैदान में ही निगम का रावण दहन समारोह कराया जाए। वही अब निगम की किरकिरी करने के बाद निगम के जनप्रतिनिधि दबाव में आकर आयोजन के तैयारी में जुट गए है।

इस बार नगर निगम के रावण दहन को लेकर जमकर राजनीति चली है, इसमें मुख्य अतिथि को ही लेकर सत्ताधारी के बीच ही राजनीति चला। परिणामस्वरूप जानभुजकर यह बात कही गई कि निगम के पास रावण दहन के लिए पैसे नहीं है, ऐसे में इस बार यह आयोजन नहीं कराया जाएगा। इस बात के विरोध में निगम का भाजपा पार्षद दल आ गया।

साथ ही शहर की विभिन्न सामाजिक संगठन भी इसके विरोध में आ गई और निगम के जनप्रतिनिधियों पर परम्परा तोड़ने का आरोप लगाया। वही यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास भी पहुच गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इससे जुड़े जनप्रतिनिधियों को जमकर फटकार लगाई। वही अब इस फटकार के बाद सभी रावण दहन कराने के लिए तैयार हो गए है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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