बिलासपुर। Bilaspur Crime News: जमीन बेचने का झांसा देकर निजी संस्थान के कर्मचारी से 17 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा नेत्री के बेटे के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। सिविल लाइन क्षेत्र के कस्तूरबानगर निवासी कादिर खान(35) की एक साल पहले तालापारा तयबा चौक निवासी भाजपा नेत्री के बेटे आदित्य गिरी गोस्वामी उर्फ गिरिराज गोस्वामी से जान पहचान हुई थी। उसने खुद को प्रापर्टी डीलर बताकर कर्मचारी को भोजपुरी टोल नाका के पास कृषि भूमि दिखाई।

जमीन नवागढ़ मारो निवासी सतीश चेलक के नाम पर दर्ज थी। कर्मचारी ने जमीन को खरीद पाने में असमर्थता जताई। इस पर आदित्य ने कहा सारी जमीन तुम्हारे नाम पर इकरारनामा कराते हैं, बाकी पैसा मैं दे देता हूं। बाद में तुम्हें जितनी जमीन की आवश्यता होगी ले लेना, बाकी जमीन मैं ले लूंगा। उसके बाद आदित्य ने कर्मचारी से अलग-अलग किस्तों ने आनलाइन व नकद सहित 16 लाख 62 हजार स्र्पये ले लिए।

उसके बाद जमीन की रजिस्ट्री कराने टालमटोल करने लगा। कर्मचारी कादिर के पैसा वापस मांगने पर आदित्य ने उन्हें जान से मार देने की धमकी देते हुए पैसा वापस करने से इन्कार कर दिया। इस पर पीड़ित ने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की। इस पर पुलिस ने आरोपित आदित्य गिरी गोस्वामी के खिलाफ धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

रिपोर्ट नहीं लिखने थानेदार ने अपनाए कई हथकंडे

छह दिन पूर्व पीड़ित कादिर घटना की रिपोर्ट लिखाने सिविल लाइन थाने गए। थाना प्रभारी शनिप ने आवेदन में रात्रे भाजपा नेत्री के बेटे आदित्य गिरी गोस्वामी का नाम देखते ही पहले उसे बुलाकर पूछने की बात कही और पीड़ित को लौटा दिया। दो दिन बाद पीड़ित फिर थाने गए तो आरोपित आदित्य को थाने में बैठाकर पूछा गया कि कितने का लेन देन हुआ है। उसके बाद केवल आनलाइन लेन-देन और उक्त रकम की रिपोर्ट लिखने की बात कहकर टालमटोल की। काफी मशक्कत पर छह दिन बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर आदित्य गिरी गोस्वामी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है।

एसपी के आदेश के बाद भी टालमटोल

थाना प्रभारी रात्रे की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर पीड़ित ने तीसरे दिन एसपी दीपक कुमार झा से मुलाकात कर घटना की शिकायत की। एसपी ने शिकायतकर्ता से जानकारी लेने के बाद थाना प्रभारी रात्रे को फोन कर कार्रवाई का आदेश दिया। उनके निर्देश के बाद भी पीड़ित की शिकायत दर्ज करने थाना प्रभारी टालमटोल करते रहे।

आरोपित के भाई की पुलिस से निकटता

आरोपित आदित्य गिरी गोस्वामी अपने आप को पुलिस का करीबी बताता है। उसके भाई की पुलिस कर्मियों से निकटता है। उसे थाने व अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाते अक्सर देखा जाता है। युवक पुलिस अधिकारियों के साथ सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में रहता है। यही वजह है कि पीड़ित को उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने छह दिन थाने का चक्कर लगाना पड़ा ।

लोगों को नहीं मिल रहा न्याय

पिछले दिनों आइजी रतनलाल डांगी ने सिविल लाइन थाने का आकस्मिक निरीक्षण किया था। थाने की बदतर हालत होने पर उन्होंने तत्कालीन थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी को लाइन अटैच कर दिया था। साथ ही राजपत्रित अधिकारियों को थाने की हालत सुधारने को कहा गया था। आलम यह है कि कार्रवाई के बाद भी थाने की हालत सुधरने के बजाय बद से बदतर होती जा रही है। अधिकारियों के द्वारा पक्षपात करने के कारण पीड़ित को रिपोर्ट लिखाने के लिए थाने का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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