बिलासपुर। अधिक ब्याज का झांसा देकर पिता-पुत्र ने महिला अधिवक्ता से 14 लाख स्र्पये की धोखाधड़ी की है। पीड़िता ने कोटा थाने में मामले की शिकायत की है। पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ अपराध दर्ज किया।अग्रसेन चौक सोनल टावर्स में रहने वालीं नूपुर सोनकर(25) अधिवक्ता हैं। वे जनवरी 2020 में काम के सिलसिले में कोटा जाती थीं। इसी दौरान उनका परिचय कोटा निवासी शशांक चंद्रदेव मिश्रा से हुई। शशांक ने तीन मार्च 2020 को नूपुर की मुलाकात अपने पिता चंद्रदेव मिश्रा से कराई। कोटा के मित्र मिलन फैमिली रेस्टोरेंट में चंद्रदेव मिश्रा ने अविशी बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की स्कीम के बारे में जानकारी दी।

इस दौरान बताया कि जल्द ही कंपनी आइपीओ लांच करेगी। निवेश करने वाले ग्राहकों को 15 से 25 प्रतिशत ब्याज प्रति वर्ष देने की बात कही। उनकी बातों में आकर छह मार्च 2020 को अधिवक्ता ने एक लाख 50 हजार स्र्पये दे दिए। इसके एवज में कंपनी की ओर से एक प्रपत्र दिया गया। एक माह बाद कंपनी ने अप्रैल-माह में एक लाख 85 हजार स्र्पये अधिवक्ता को लौट दिए। इसके बाद अधिवक्ता का चंद्रदेव मिश्रा और शशांक पर भरोसा बढ़ गया। लाकडाउन के कारण काम बंद हो गया था। ऐसे में आमदनी के लिए कंपनी में और स्र्पये निवेश करने लगीं। कंपनी की ओर से दस्तावेज भी दिया गया।

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निर्धारित समय के बाद अधिवक्ता को स्र्पये नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने पिता-पुत्र से संपर्क कर अपनी राशि मांगी। इस बीच पांच लाख 20 हजार स्र्पये दिए। नवंबर 2021 में चंद्रदेव मिश्रा ने तीन चेक दिया। इसके बाद अधिवक्ता ने लेनदेन संबंधी सभी दस्तावेज लौटा दिए। बैंक में जमा करने पर चेक बाउंस हो गए। इसके बाद से पिता-पुत्र पैसा लौटाने के नाम से घुमा रहे हैं। अधिवक्ता के साथ 14 लाख स्र्पये की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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