बिलासपुर। Bilaspur Crime News: रतनपुर के चेचई बांध में नहाने के दौरान डूबने से नाबालिग और उसके दोस्त की मौत हो गई। वहीं, उनके दो साथियों को आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। दो युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिलासपुर से पांच दोस्त जन्मदिन बनाने के लिए बांध गए थे। इस दौरान हादसा हो गया। जिस नाबालिग का जन्मदिन था उसकी भी हादसे में मौत हो गई।

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के दयालबंद नारियल कोठी के रहने वाले अंकित पानिकर पिता पवन पानिकर(17) का शनिवार को जन्मदिन था। जन्मदिन मनाने के लिए वह अपने बड़े भाई नवीन पानिकर और दोस्त आकाश कश्यप पिता सुरेश कश्यप(19), राज कश्यप(19), प्रेम कुशवाहा(18) के साथ दो बाइक पर रतनपुर क्षेत्र के चेचई डेम पहुंचे। वहां दोपहर दो बजे राज, प्रेम, आकाश, अंकित नहाने के लिए बांध के नीचे उतर गए। जबकि नवीन बाहर खड़ा था। अचानक आकाश गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए राज, प्रेम और अंकित भी गहराई में चले गए। देखते ही देखते अंकित और आकाश पानी में डूब गए।

डेम के बाहर खड़े नवीन ने आसपास के लोगों को आवाज देकर बुलाया। मदद के लिए पहुंचे लोग चारों को निकालने का प्रयास करने लगे। उन्होंने राज और प्रेम को बाहर निकाल लिया। जबकि अंकित व आकाश का पता नहीं चला। घटना की जानकारी रतनपुर पुलिस दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और डेम के अंदर खोजबीन शुरू की। घंटे भर बाद पुलिस ने अंकित और आकाश के शव को बरामद कर लिया। पेट में पानी भरने के कारण राज की हालत गंभीर है। उसे शहर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं प्रेम का रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। रतनपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कानन पेंडारी जाने निकले थे, पहुंच गए चेचई डेम

दयालबंद के दो छात्रों की मौत से पूरे इलाके के लोग सदमे में हैं। घटना के बाद पता चला है कि अंकित अपने भाई और दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाने के लिए कानन पेंडारी जू जा रहा था। रास्ते में उनका प्लान बदल गया और सभी चेचई डेम पहुंच गए। वहां नहाने के दौरान हादसा हो गया।

इकलौता बेटा था आकाश

आकाश कश्यप पिता सुरेश कश्यप कालेज में पढ़ाई करता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। दो छोटी बहनें हैं। उसके पिता की पांच साल पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां रोजी मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। आकाश की मौत के बाद स्वजन के ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। स्वजन डेम से निकालने के बाद आकाश को अपोलो हास्पिटल लेकर गए थे। वहां के डाक्टर ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्वजन शव को अपने घर लेकर आ गए। रात नौ बजे पुलिस की टीम शव को लेने घर पहुंची। तब आकाश की मां और मौसी ने शव देने से इन्कार कर दिया। काफी समझाने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंपा गया।

आंखों के सामने भाई और चारों दोस्त डूबते रहे, शारीरिक कमजोरी के कारण नहीं बचा पाया

घटना स्थल पर मौजूद नवीन ने बताया कि मेरी आंखों के सामने भाई अंकित और दोस्त आकाश, राज और प्रेम डेम में डूबने लगे। मैं शारीरिक रूप से कमजोर हूं। ठीक से सुनने और बोलने में भी असमर्थ हूं। भाई व दोस्तों को डूबने से बचाने के लिए चिल्लाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन आसपास मौजूद लोगों तक मेरी आवास नहीं पहुंच रही थी। तब मैं रोते हुए उनके पास दौड़ा। वहां मौजूद लोग मेरी तरफ देखने लगे। फिर इशारे से उनको घटना के बारे में बताया। इसके बाद लोगों ने बांध के अंदर घुसकर बचाने का प्रयास किया। मेरी आंखों के सामने ही कुछ पल में सगा भाई और दोस्त पानी की गहराई में डूब गए। मैं शारीरिक कमजोरी के कारण कुछ नहीं कर पाए। बांध के बाहर विवश होकर खड़ा रहा। हालांकि आसपास मौजूद लोगों की मदद से राज और प्रेम को बचा लिया गया है। नवीन के पिता की बीमारी से मौत तीन साल पहले हो गई थी।

राज को बेहोशी की हालत में घर ले आए स्वजन

राज कश्यप को रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। रात नौ बजे स्वजन बेहोशी की हालत में ही छुट्टी करवाकर मोटरसाइकिल से घर लेकर आ गए। स्वजन अपनी निगरानी में उसका देखभाल कर रहे हंै। राज मृतक आकाश कश्यप चचेरे भाई है। राज को सुरक्षित पाकर स्वजन ने राहत की सांस ली। हालांकि इस घटना से मोहल्ले में दुख का माहौल है। रविवार को मृतकों के शव का सिम्स में पोस्टमार्टम किया जाएगा।

Posted By: Abrak Akrosh

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close