बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। तोरवा पुलिस ने मध्यप्रदेश के कटनी में दबिश देकर आनलाइन धोखाधड़ी के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से दो लाख 55 हजार स्र्पये नकद, लैपटाप, टैबलेट, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक जब्त किया गया है। पुलिस आरोपितों के बैंक खातों को सीज कराने बैंकों की जानकारी जुटा रही है।

एसपी पास्र्ल माथुर ने बताया कि रेलवे कालोनी में रहने जसविंदर कुमार रेलवे के स्वास्थ्य विभाग में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी हैं। उन्हें अपने पैतृक गांव कसियारा थाना चरथावल जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में मकान बनाने के लिए लोन की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने आनलाइन बैंक लोन सर्च किया। इसके बाद 27 फरवरी को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने लोन दिलाने की बात कही।

उन्हें झांसे में लेकर चार लाख 32 हजार की ठगी कर ली गई। मामले की शिकायत पर तोरवा पुलिस जुर्म दर्ज कर जांच कर रही थी। जांच के बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश के कटनी में दबिश देकर रविंद्र कुमार(26) निवासी पिंडरा थाना फूलपुर जिला वाराणसी उत्तर प्रदेश, विकास कुशवाहा(24) निवासी माडर थाना विजयपुर जिला गोपालगंज बिहार व सुजीत कुमार मुखिया(26) निवासी ग्राम बेहारी जिला दरभंगा बिहार को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपित युवकों के कब्जे से दो लाख 55 हजार स्र्पये नकद के साथ चार लाख से अधिक का सामान जब्त किया है। वहीं, उनके अलग-अलग बैंक खातों में 10 लाख स्र्पये जमा होने की जानकारी मिली है। पुलिस रकम को होल्ड कराने बैंकों को पत्र लिख रही है।

बदलते रहते थे ठिकाना

जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि आरोपित का ठिकाना दिल्ली और गुड़गांव में है। इस पर पांच सदस्यीय टीम को दिल्ली रवाना किया गया। इसी बीच आरोपित ने अपना ठिकाना बदल दिया। पुलिस की टीम ने उन्हें कटनी से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वे पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलते रहते थे।

तीनों ने बांट लिए थे काम

आरोपित रविंद्र इस पूरे गिरोह का सरगना है। वह बैंक और लोन देने वाली कंपनियों के मिलते जुलते वेबसाइट्स बनाकर सर्च इंजन पर डालता था। इसके बाद लोन के जरूरतमंदों की जानकारी जुटाकर उनसे संपर्क करता। विकास च्वाइस सेंटर में काम करता था। सेंटर में आने वालों का वह धोखे से बैंक में खाता खुलवा लेता था। इसके बाद सुजीत कुमार बैंक खातों से रकम निकालकर उसे आरोपित के खातों में भेजता था।

टीम में ये रहे शामिल

आरोपित को पकड़ने के लिए एसपी पास्र्ल माथुर ने टीम गठित की है। टीम में तोरवा थाना प्रभारी फैजुल होदा शाह, एसआइ हृदय शंकर पटेल, प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह, धर्मेंद्र साहू, यशपाल टंडन, लक्ष्मी कश्यप, साइबर सेल के एसआइ प्रभाकर तिवारी, शकुंतला साहू व आरक्षक सतीश शामिल रहे।

Posted By: Abrak Akrosh

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