Bilaspur Environment News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं में जुनून देखना है तो अरपा नदी के किनारे जाना होगा। अरपा नदी के किनारे-किनारे बिछी हरियाली आंखों को सुकून ही देती है। अरपा अर्पण महाभियान से जुड़े युवाओं की टीम बीते चार वर्षों से लगातार अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन के साथ ही नदी किनारे हरियाली बिछाने का काम कर रही है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर युवाओं की जिद ऐसी कि अब शहरवासी भी उनके अभियान से जुड़ने लगे हैं।

शहरवासियों के लिए अरपा नदी जीवनदायिनी है। अरपा नदी के एक से दूसरे छोर के बीच एक दर्जन से अधिक रेत खदानें हैं। रेत घाट में रेत का बेतहाशा उत्खनन किया जा रहा है। इससे अरपा का स्वरूप भी तेजी के साथ बदलने लगा है। रेत की बेतहाशा खोदाई के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। वर्षा ऋतु में जब नदी में पानी भरता है तब गहरे गड्ढे में बच्चों के डूबने से मौत की घटनाएं भी होती हैं। अरपा के बिगड़ते स्वरूप को देखते हुए अरपा अर्पण महाभियान से जुड़े युवाओं की टीम ने नदी के किनारे-किनारे पौधा रोपने का संकल्प लिया। संकल्प लेने के साथ ही हरियाली बिछाने का काम प्रारंभ किया। महाभियान से जुड़े युवाओं की टीम बीते चार साल से हरियाली बिछाने का काम कर रही है। संकल्प का असर ये हुआ कि अब शहरवासी भी उनके अभियान से सीधेतौर पर जुड़ने लगे हैं।

अरपा अर्पण महाभियान के श्याम दुबे बताते हैं कि चार साल पहले अरपा नदी के दोनों तरफ बाढ़ के कारण तटबंध की स्थिति खराब होने लगी थी। स्वरूप भी बदलने लगा था। अरपा के दोनों तरफ के पार को ठीक करने के लिए पौधारोपण की योजना बनाई। पौधारोपण से एक साथ दो मुहिम पर काम करना प्रारंभ किया। पौधारोपण के लिए तटबंध करना और पार की स्थिति को मजबूत करना और हरियाली बिछाना था। शुस्र्आत में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए और अभियान महाभियान में तब्दील हो गया है। महाभियान समिति द्वारा महामाया चौक से सेंदरी तक अरपा नदी के किनारे हरियाली बिछाई गई है। इसके अलावा सड़क में बने डिवाइडर में भी हरियाली बिछाने का काम किया गया है। अरपा नदी के किनारे बिछी हरियाली आज देखते ही बनती है। तटबंध के साथ ही अरपा के संरक्षण की दिशा में बड़ा काम हो रहा है।

अरपा अर्पण महाभियान समिति ने अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अरपा नदी में बेतहाशा रेत खोदाई पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए समिति ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता समिति ने अपनी याचिका में मांग की है कि अरपा नदी से रेत उत्खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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