बिलासपुर। सरकार ने छह फीसदी महंगाई भत्ता देने से इंकार कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। फेडरेशन ने हड़ताल पर जाने से पहले सरकार से लम्बित मांगों पर मुहर लगाने का आग्रह किया है। शासन की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने पर 22 अगस्त से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।साथ ही फेडरेशन ने अलग-अलग संगठनों के अनिश्चतकालीन हड़ताल के लिए अभियान तेज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन रहा है। छह फीसदी महंगाई भत्ता की मांग को खारिज कर दिया है। इसको लेकर फेडरेशन ने सरकार से पुनर्विचार का आग्रह किया है, साथ ही आग्रह नहीं मानने में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल जाने की तैयारी फेडरेशन ने कर ली है। महासचिव छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला शाखा बिलासपुर जीआर चंद्रा रोहित तिवारी ने बताया है कि लंबित मांगों को लेकर साथ सरकार से लगातार आग्रह करते आ रहे हैं। सरकार ने यदि हमारी मांगों पर गौर नहीं किया तो बड़ा आंदोलन होने जा रहा है।

आंदोलन को बंद करना फेडरेशन की चूक

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, शालेय शिक्षक संघ, नवीन शिक्षक संघ द्वारा 25 जुलाई से 2 सूत्रीय मांग देय तिथि से लंबित मंहगाई भत्ता व देय तिथि से सातवें वेतन के आधार पर पुनरीक्षित करने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया गया था, इस समय कर्मचारियों का दबाव सरकार पर सर्वाधिक था, 4.50 लाख कर्मचारियों की इच्छा थी कि फेडरेशन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल करे किन्तु फेडरेशन ने 29 जुलाई को अपनी हड़ताल बन्द कर दी, यह फेडरेशन की बड़ी चूक थी, इस समय महासंघ हड़ताल फ्रेम से बाहर ही थे, तब उन्हें कोई अवसर भी नही मिलता।

फेडरेशन के वापसी से मांग कमजोर हो गया और हमे भी शिक्षक हित के विषय को भी साथ रखने की भावना के साथ हड़ताल बन्द करना पड़ा।कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन आंदोलन में एल बी संवर्ग के मांगो को रखते हुए निष्पक्ष बैनर, सामूहिक नेतृत्व व समान भूमिका वाली टीम में हड़ताल को सफल बनाने समीक्षा बैठक शीघ्र आयोजित कर रणनीतिक निर्णय लिया जाएगा।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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