बिलासपुर। Bilaspur Health News: जीवनदान से बड़ा दान इस संसार में कुछ भी नहीं है। 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने सुदूर अंचलों तक पहुंचकर लाखों जिंदगी को बचाया तो कई घरों में चिराग रोशन किया। गांव और शहर के बीच एंबुलेंस में ही सैकड़ों किल्कारी गूंजीं। इस योजना को अब जिले में आठ साल पूरे हो चुके हैं। जिले में इन आठ वर्षों के दौरान 102 महतारी एक्सप्रेस से तीन लाख 39 हजार 553 महिलओं और बच्चों को इलाज पहुंचाने में मदद की है।

शासन ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुचाने के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस योजना का की शुरुआत 23 अगस्त 2013 को 21 एम्बुलेंसों के साथ जिले में की। इसके बाद धीरे-धीरे योजना का महत्व बढ़ता गया। अभी बिलासपुर जिले में 17 महतारी एम्बुलेंस चल रही है। किसी भी प्रकार का प्रसव संबंधी सहायता, प्रसव पूर्व जांच, नसबंदी या एक वर्ष तक के बीमार नवजात शिशुओं के निश्‍शुल्क उपचार के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा का लाभ दिया जाता रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण आंचल तक मरीज को इस योजना का लाभ मिला रहा है।

दो लाख महिलाओं को प्रसव तो 28 हजार बच्चों का इलाज

जिले के 97 हजार 401 गर्भवती महिलाओं को अब तक महतारी के माध्यम से घर से अस्पताल तक पहुंचाया गया। 1 लाख 18 हजार 93 महिलाओं को प्रसव के बाद अस्पताल से घर तक छोड़ा। एक वर्ष तक के 28 हजार 781 नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई। 68 गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले जांच के लिए घर से अस्पातल और अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही 25 हजार 195 गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का उच्च स्तरी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

इस साल महतारी एक्सप्रेस की सेवा

कुल केस- 648812

प्रसव पूर्व जांच- 159087

प्रसव के लिए अस्पताल- 158270

प्रसव के बाद घर वापसी- 249390

उच्च अस्पताल रेफर- 38660

0 से 1 वर्ष के बच्चे से संबधित-36895

कोविड मरीह- 6510

Posted By: Yogeshwar Sharma

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