बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के छात्रों ने कहा कि मैं संकल्प लेता हूं कि तंबाकू का सेवन कभी नहीं करूंगा। कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी इस संकल्प को दोहराया। कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी छात्रों को तंबाकू से होने वाले नुकसान और सेहत पर पड़ने वाले विपरित प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभागार में विश्वविद्यालय और जिला स्वास्थ्य समिति व परिवार कल्याण विभाग बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम पर एक दिवसीय आयोजन हुआ। जिसमें संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य और नोडल अधिकारी सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा.बीके वैष्णव थे। मुख्य वक्ता डा.अनुपम नहक जी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने किया। सर्वप्रथम अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत किया। मुख्य वक्ता डा.अनुपम नहक ने अपने उद्बोधन में तंबाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 के प्रमुख प्रावधान की व्याख्या करते हुए तंबाकू से होने वाले बिमारियों पर प्रकाश डाला साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इसके रोकथाम के लिए की जा रही कार्यक्रम की जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति आचार्य वाजपेयी ने कहा कि कहा कि तंबाकू ऐसा विष है जो सेवन करने वाले व्यक्ति के शरीर,मन बुद्धि तीनों को प्रभावित कर नुकसान पहुंचाता है। कार्यक्रम से सभी ने संकल्प लिया कि आज के बाद तंबाकू का सेवन किसी रूप में न करें और करने दे। उन्होंने समस्त लोगों को यह भी जानकारी दी कि अटल बिहारी वाजपेई विश्व विद्यालय बिलासपुर का परिसर पूर्ण रूप से तंबाकू मुक्त परिसर है।

कार्यक्रम का संचालन गौरव साहू ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सहायक कुलसचिव रामेश्वर राठौर, डा.रंजना चतुर्वेदी, सौमित्र तिवारी, डा.रेवा कुलश्रेष्ठ, डा.हामिद अब्दुल्ला,डा.सुमोना भट्टाचार्य, डा.पूजा पांडेय, प्रताप पांडेय, डा.नीरज वर्मा, सहित बड़ी संख्या में विश्व विद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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