बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लॉकडाउन के कारण यदि कोई सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है तो वह गरीब वर्ग। इनमें रिक्शा चालक से लेकर मजदूर व मांगकर जीवन बसर करने वाले शामिल हैं। इनके पास आशियाना भी नहीं है। इनकी जिंदगी पेड़ के नीचे थम गई है। उनकी हालत देखकर कुछ रेलकर्मियों का दिल पसीज गया। सभी ने मन बनाया कि चाहे कुछ भी हो जाए वे ऐसे लोगों को भूखे पेट नहीं सोने देंगे। अब यह ग्रुप रेलवे क्षेत्र में गरीब परिवार को तलाश कर राशन बांट रहा है।

इस ग्रुप में बिलासपुर रेलवे यार्ड के स्टेशन मास्टर, टीएनसी, पोर्टर व शंटिंग मास्टर शामिल हैं। इनकी संख्या भी ज्यादा नहीं है। जनता कर्फ्यू के दिन से उन्हें गरीब परिवारों की यह स्थिति खटकी। हालांकि वह यही मान रहे थे एक दिन का जनता कर्फ्यू है दूसरे दिन सामान्य हो जाएगा। लेकिन जैसे ही 21 दिन का लॉकडाउन हुआ सभी के मन में इन परिवारों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद एक- दूसरे से चर्चाओं का दौर शुरू हुआ। इसमें यह सहमति बनी कि वह रेलवे क्षेत्र में इन परिवारों के बीच जाएंगे और उन्हें चावल, दाल, नमक, तेल से लेकर बिस्किट व मिक्चर लेकर सभी जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए राशि इकठ्ठा करने का काम शुरू हुआ। इस दौरान लगभग नौ से 10 हजार रुपये जमा हो भी हो गए। लेकिन राशि जुटाने की पहल चल रही है। लगभग 20 से 25 हजार रुपये एकत्र करने का निर्णय भी उन्होंने लिया। इसके लिए सभी सैलरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एक अप्रैल को जैसी सैलरी मिलेगी दोबारा कलेक्शन होगा। अभी जितनी राशि जुटाई गई उससे सप्ताहभर तक उनके लिए राशन उपलब्ध कराया जाएगा। कर्मचारियों का यह ग्रुप बुधवार से जरूरत की चीजें बांट रहा है। पहले दिन रेलवे स्टेशन के सामने साई मंदिर के आसपास के लोगों को सामान उपलब्ध कराया। गुरुवार सुबह बड़ा गिरजा चौक पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में रिक्शा चालक पेड़ के नीचे दिन गुजार रहे हैं। इन सभी को राशन सामग्री दी गई। जैसे ही हाथों में राशन पहुंचा उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। कुछ तो सामान मिलते ही चूल्हा जलाने लगे। भूख से इन परिवारों का हाल बेहाल था। रेलवे कर्मचारियों में पार्थो चटर्जी, साहेब लाल, पवन, विनयन, बलराम, अनुराधा, गायत्री, पंकज, सेवरिन, रहमत आदि शामिल थे।

डेटाल, साबुन के अलावा टूथ पेस्ट भी

राशन सामग्री के अलावा इन परिवारों को टूथ पेस्ट के अलावा डेटाल व साबुन भी दे रहे हैं। इसे देने के साथ ही उनसे अपील की जा रही है कि कोरोना वायरस से केवल सावधानी बरतने से बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी स्वच्छता है। भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की अपील भी रेलकर्मियों द्वारा की जा रही है।

14 अप्रैल तक कराएंगे उपलब्ध

रेलकर्मियों का कहना है कि वह 14 अप्रैल तक राशन बांटेंगे। इसके लिए निर्णय लिया जा चुका है। सभी ने अपनी सहमति भी जताई है। कोशिश यह भी रहेगी कि रेलवे क्षेत्र के अलावा जहां ऐसे परिवारों की सूचना मिलेगी वहां तक पहुंचे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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