बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तिथि जब समाप्त हुई थी तब प्रदेश के साथ ही जिले में भी किसानों ने जमकर हल्ला मचाया था। इसके बाद राज्य शासन ने किसानों को दो बार और धान बेचने का मौका दिया। शुक्रवार को धान खरीदी का अंतिम दिन था। मार्कफेड के आंकड़ों पर नजर डालें तो 1143 टोकन के जरिए 42 हजार 638 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से करनी थी। अचरज की बात ये कि मात्र 328 टोकन के जरिए किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है।

राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर 20,21व 22 मई को समर्थन मूल्य पर उन किसानों का धान खरीदने का आदेश जारी किया था जिनके पास टोकन है और किसी कारणवश प्रथम और दूसरे चरण में धान नहीं बेच पाए हैं। इस आदेश के साथ ही शासन ने टोकनधारी किसानों को सूचित करने का फरमान भी जारी किया था। मार्कफेड और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने टोकनधारी किसानों को संबंधित समितियों में टोकन के साथ पहुंचने और धान बेचने की सूचना भी दी थी। जिला विपणन संघ के आंकड़ों पर गौर करें तो 1143 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने समितियों के जरिए टोकन कटाया था। टोकन कटाने के बाद धान की बिक्री नहीं कर पाए थे। इन किसानों से मार्कफेड को 42 हजार 638 क्विंटल धान की खरीदी करनी थी। तीन दिनों के दौरान मात्र 328 टोकनधारी किसानों ने 14 हजार 531.8 क्विंटल धान समितियों में धान बेचा । एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि किसानों की आड़ में कहीं कोचियों ने तो टोकन नहीं कटा लिया था। तीन दिनों की खरीदी के दौरान प्रशासन की कड़ाई के चलते धान बेचने कोचिए आगे नहीं आ पाए ।

ओखर व बहतरा समिति में विवाद की स्थिति

मस्तूरी के ओखर व बहतरा खरीदी केंद्र में सबसे ज्यादा विवाद की स्थिति बनी हुई है। बीते तीन दिनों के दौरान इन दोनों ही समितियों का कंप्यूटर का लॉक खुल ही नहीं पाया । ओखर समिति में 139 व बहतरा समिति में 93 किसानों ने टोकन कटाया था। जानकारी के अनुसार इनमें से एक भी टोकनधारी किसानों ने बीते तीन दिनों के दौरान धान नहीं बेचा है।

खरीदी की ऑफलाइन एंट्री

तीन दिनों तक मार्कफेड ने ऑफलाइन खरीदी की है। कंप्यूटर का लॉक खुल ही नहीं पाया है। धान बेचने वाले किसानों ने बताया कि समितियों में धान तो बिका है पर कंप्यूटर में अपलोड नहीं हुआ है। रजिस्टर में हिसाब लिखते रहे हैं। न ही उनको कोई रसीद दी गई है।

बीते तीन दिनों के दौरान 328 टोकन के जरिए 14 हजार 531.8 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। 1143 टोकन के जरिए 42 हजार 638 क्विंटल धान किसानों का खरीदना था।

शोभना तिवारी-जिला विपणन अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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