बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

रायगढ़ से गोंदिया जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर करने वाले कुछ यात्री इतनी जल्दी रेलवे स्टेशन पहुंच गए कि उन्हें गेट के बाहर करना पड़ा। दरअसल सभी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रा की अनुमति थी। इसके लिए उन्हें डेढ़ घंटे पहले स्टेशन पहुंचने के निर्देश थे। लेकिन वे सुबह छह बजे ही पहुंच गए। जबकि इस समय तक जांच करने वाले कर्मचारी ही नहीं पहुंचे थे। उनके आने के बाद जांच हुई। इसके बाद यात्री ट्रेन में सवार हुए। पहले दिन बिलासपुर से 92 यात्रियों ने सफर किया।

कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसके बावजूद इसलिए ट्रेन चलाई जा रही है ताकि लोगों की परेशानी खत्म हो जाए। हालांकि अभी सभी ट्रेनें पटरी पर नहीं आई हैं। केवल देश में 200 ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। जनशताब्दी एक्सप्रेस इन्हीं ट्रेनों में से एक है। इसके चलने की जानकारी करीब 10 दिन पहले आम कर दी गई थी ताकि यात्री रिजर्वेशन करा सके। रायगढ़ से लेकर गोंदिया तक 394 यात्रियों ने रिजर्वेशन कराया था। इसमें अकेले बिलासपुर से 92 यात्री थे। इन सभी की जोनल स्टेशन में जांच होनी थी। इसे देखते हुए रेलवे ने तैयारियां भी की थी। प्रवेश के लिए चिंहित गेट क्रमांक दो पर ही इनकी जांच की व्यवस्था थी। इसके मद्देनजर ही डेढ़ घंटे पहले उपस्थिति दर्ज कराने कहा गया था। इस लिहाज से यात्रियों को सुबह सात बजे तक पहुंचना था। लेकिन कुछ यात्रियों को सफर करने की इतनी जल्दबाजी थी कि सुबह छह बजे पहुंच गए। उस समय थर्मल स्क्रीनिंग स्टाफ ही नहीं पहुंचा था। हालांकि रेलवे के कुछ कर्मचारी पहुंच गए थे। जब उन्होंने यात्रियों को प्लेटफार्म के अंदर देखा तो कुछ देर के लिए हड़बड़ा गए। उन्होंने यात्रियों को समझाया कि बिना प्लेटफार्म में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसलिए यात्री बाहर चले गए और जांच करने वाले कर्मचारियों के आने का इंतजार करने लगे। सुबह सात बजे जांच शुरू हुई। इसके बाद यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। उन्हें बताया गया कि ट्रेन प्लेटफार्म पांच पर आएगी। आरपीएफ ने उन्हें प्लेटफार्म पर पहुंचने का रास्ता बताया। इसके बाद यात्री प्लेटफार्म में बैठे और ट्रेन के आने का इंतजार करने लगे।

पहले ही दिन ट्रेन 35 मिनट लेट पहुंची

रायगढ़-गोंदिया जनशताब्दी एक्सप्रेस का बिलासपुर पहुंचने का समय सुबह 8.40 बजे थी। लेकिन यह ट्रेन पहले ही दिन 35 मिनट विलंब से पहुंची। ट्रेन सुबह 9.15 बजे प्लेटफार्म पांच पर आई। ट्रेन की इस लेटलतीफी को लेकर यात्री कहते रहे कि अभी लाइन खाली है और जोन में केवल एक ट्रेन चली। उसे भी रेलवे समय पर नहीं चला सकी।

फिजिकल डिस्टेंस दरकिनार, सभी सीटों पर बुकिंग

जनशताब्दी एक्सप्रेस में फिजिकल डिस्टेंस का उल्लंघन नजर आया। रेलवे ने हर कोच की सभी सीटों की बुकिंग कर रही है। हालांकि यात्री संख्या कम थी। लेकिन जिस कोच में पर्याप्त यात्री थे वे सभी एक- दूसरे जुड़े ही बैठे नजर आए। जबकि संक्रमण को देखते हुए इसका पालन अनिवार्य है। शहर के हर स्थानों पर इसका पालन कराया जा रहा है। लेकिन ट्रेनों में रेल प्रशासन ने इसे दरकिनार कर दिया है। इसके चलते यात्री सहमे भी नजर आए। सभी मास्क लगाए हुए थे।

तीन स्टाल खुले

ट्रेनों के साथ- साथ स्टाल भी बंद करा दिए गए थे। जनशताब्दी समेत दो अन्य ट्रेनों के परिचालन को देखते हुए रेलवे ने स्टालों को खोलने का आदेश दिया। इसी के तहत प्लेटफार्म चार- पांच पर सोमवार को तीन स्टाल को खोले गए। लेकिन ग्राहकी बेहद कम रही। स्टाल बंद हुए इतना अधिक समय गुजर गया कि एक स्टाल की चॉबी गुम गई थी। ऐसी स्थिति में लाइसेंसी को स्टाल का ताला तोड़ना पड़ा। कर्मचारी सुबह से स्टाल की सफाई में जुटे हुए थे। ट्रेन के पहुंचने से पहले सामान जमाया गया। लेकिन यात्री खाने- पीने की चीजें खरीदने से संकोच करते नजर आए।

ट्रेन का नंबर बदलना भूल गए

10 दिन पहले ही तय हो गया था कि जनशताब्दी एक्सप्रेस चलेगी। रेलवे का दावा था कि उनकी तैयारी पूरी हो गई। लेकिन जब ट्रेन बिलासपुर पहुंची तो एक गलती सामने आ गई। हालांकि इसे किसी ने ध्यान नहीं दिया। दरअसल जनशताब्दी एक्सप्रेस में बोर्ड लगा था। उसमें नंबर ही नहीं बदले गए थे। ट्रेन 02069/02070 नंबर से चलनी है। लेकिन सोमवार को ट्रेन में 12070/12069 नंबर बोर्ड लगा हुआ था। यह लापरवाही है। लेकिन इसे नजर अंदाज कर दिया गया।

ट्रेन से उतरे 94 यात्री, जांच के बाद निकले बाहर

जनशताब्दी एक्सप्रेस से 94 यात्री उतरे। इनमें रायगढ़, खरसिया, सक्ती, बारद्वार समेत अन्य स्टेशनों से चढ़े हुए यात्री थे। इनके उतरते ही एनाउंसमेंट हुआ कि यात्री गेट क्रमांक चार से ही बाहर जाएंगे। इस सूचना के साथ ही आरपीएफ ने उन्हें बाहर निकलने का रास्ता बताया। लेकिन उससे पहले जांच कराने के लिए कहा गया। यात्रियों की जांच के लिए चौड़े ब्रिज में बूथ बनाए गए थे। रैंप में यात्रियों को लाइन में खड़ा कराया गया। इसके बाद बारी- बारी उनकी जांच हुई। फिर उन्हें बाहर जाने की अनुमति मिली।

इतने यात्रियों ने की सफर

रायगढ़ - 134

खरसिया - 51

सक्ती - 18

बाराद्वार - 11

चांपा - 45

नैला - 22

अकलतरा - 21

बिलासपुर - 92

Posted By: Nai Dunia News Network

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