बिलासपुर। Chhattisgarh Crime News : छत्तीसगढ़ में कलेक्टर पर दुष्कर्म का आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का यह दूसरा मामला है। आइएएस जनक पाठक से पहले 2002 में जशपुर के तत्कालीन कलेक्टर एमआर सारथी पर आदिवासी हॉस्टल की अधीक्षिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था। हालांकि, पद में रहते उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल में रहते उनकी मौत हो गई।

जशपुर में आदिवासी महिला ने आइएएस एमआर सारथी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तब छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी मुख्यमंत्री थे। इस मामले की जांच के बाद एमआर सारथी के खिलाफ दुष्कर्म का अपराध दर्ज किया गया, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई।

बताते हैं कि उस समय सरकार उसका बचाव कर रही थी। इसके चलते आइएएस सारथी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच आदिवासी महिला न्याय की गुहार लगाती रही। लेकिन, सरकार ने उसकी एक नहीं सुनी। बाद में सारथी कोर्ट चले गए।

उनके रिटायरमेंट के बाद जशपुर की निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ सारथी हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन शीर्ष अदालत ने निचले कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।

आखिरकार, रिटायरमेंट के बाद सारथी को जेल जाना पड़ा और बीमारी के चलते जेल में उनकी मौत हो गई। आइएएस जनक पाठक प्रदेश के दूसरे आइएएस हैं, जिनके खिलाफ महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है और पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। मालूम हो कि जशपुर में दुष्कर्म के आरोपित आइएएस एमआर सारथी जांजगीर-चांपा जिले में भी कलेक्टर रहे हैं। तब उनका केस जशपुर लंबित था।

जांजगीर में एसडीएम भी रहे हैं पाठक

इससे पहले जनक पाठक 2004-05 में जांजगीर में जिला पंचायत सीईओ भी रहे। इसके साथ ही डभरा में एसडीएम के पद पर कार्यरत रहे। फिर जिला मुख्यालय में अपर कलेक्टर व संयुक्त कलेक्टर के पद पर भी तैनात रहे। इसके बाद अप्रैल 2018 में वे भाजपा शासन में बलौदा बाजार भाटापारा के कलेक्टर बनाए गए।

कांग्रेस सरकार बनने पर वे कुछ माह तक पंजीयक सहकारिता विभाग के पद पर पदस्थ थे। जून 2019 में उन्हें जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर बनाया गया। फिर बीते 28 मई को उन्होंने यहां कलेक्टर का प्रभार यशवंत कुमार को सौंपा और रायपुर में संचालक भूअभिलेख का कार्य संभाला।

निलंबन का आदेश, एट्रोसिटी के तहत भी दर्ज हो सकता है अपराध

महिला की शिकायत के बाद मामले को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव को संबंधित अधिकारी को निलंबित करने और उच्च स्तरीय दल से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जिले के पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक के खिलाफ दुष्कर्म के बाद अब एट्रोसिटी एक्ट के तहत धाराएं जुड़ सकती हैं।

जानकारों का कहना है कि उनके खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट की धाराएं जुड़ेंगी। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़िता के जाति प्रमाण पत्र की मांग की गई है। उसके बाद इस मामले में आगे करवाई होगी। वहीं जेपी पाठक अपने ऊपर दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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