बिलासपुर। राज्य शासन व पर्यावरण मंडल द्वारा दूसरे राज्यों से औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ लाने की अनुमति देने के खिलाफ हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य शासन के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही केंद्र शासन के केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड व राज्य शासन के पर्यावरण मंडल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

उद्योगों में उपयोग के बाद बेकार होने वाले केमिकल व दूसरे अपशिष्ट पदार्थ को नष्ट कर दिया जाता है। लेकिन, प्रदेश में बड़ी मात्रा में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने के बाद भी यहां अपशिष्ट पदार्थों के नष्टीकरण की व्यवस्था नहीं की है। अवैधानिक तरीके से बिना अनुमति के निजी संस्थान इसका उपयोग कर रहे हैं। पूर्व में दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ लाने पर प्रतिबंध लगा था। लेकिन, बीते फरवरी माह में राज्य शासन के पर्यावरण मंडल ने दूसरे राज्यों के भी औद्योगिक अपशिष्ट को प्रदेश में लाने की अनुमति दे दी। शासन के इस आदेश के खिलाफ रजनीश अवस्थी ने वकील मनय नाथ ठाकुर के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें बताया गया है कि नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में औद्योगिक अपशिष्ट का खात्मा करने की सुविधा नहीं है। फिर भी छत्तीसगढ़ पर्यावरण बोर्ड ने दूसरे राज्यों के औद्योगिक अपशिष्ट लाने व खात्मा करने की अनुमति दे दी है। याचिका में बताया गया है कि औद्योगिक अपशिष्ट में खतरनाक रसायन होते हैं। इससे राज्य में पर्यावरण, पानी, हवा और मिट्टी खराब हो जाएंगे। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाशीध पीआर रामचंद्र मेनन की युगलपीठ ने दूसरे राज्यों से अपशिष्ट लाने की अनुमति देने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही केंद्र सरकार और केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड व राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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