बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। झांसा देकर बैंक के ग्राहकों से एटीएम कार्ड का कोड व ओटीपी नंबर हासिल कर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने झारखंड व पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपित युवक ठगी की रकम से स्कार्पियो खरीदकर घूम रहे थे। उनके पास से स्कार्पियो के साथ ही छह एटीएम कार्ड व चार मोबाइल जब्त किया गया है।

पिछले कुछ दिनों से शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन ठगी की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इसी तरह से बीते 14 से 28 जून के बीच सिरगिट्टी के आश्रय परिसर निवासी रेलकर्मी पंचराम कंवर पिता सीताराम कंवर (52) के पास अनजान नंबर से कॉल आया।

इस दौरान उन्हें झांसा देकर सेलरी स्लिप को मोबाइल से जोड़ने की बात कही गई और बैंक संबंधी जानकारी लेकर खाते से ऑनलाइन छह लाख 50 हजार 282 रुपये निकाल लिए। पीड़ित की रिपोर्ट पर सिरगिट्टी पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने साइबर सेल प्रभारी हेमंत आदित्य की मदद से मोबाइल नंबर की जानकारी ली।

फिर कॉल डिटेल की बारीकी से जांच की। इसके आधार पर बिहार के जिला बांका थाना बौंसी पोस्ट चुआपानी ग्राम बगीचा निवासी आरोपित सचिन मंडल उर्फ कपिल देव का पता चला। इसका लोकेशन बिहार में मिल रहा था। इस पर एसपी प्रशांत अग्रवाल से दिशा-निर्देश लेकर सिरगिट्टी पुलिस की टीम सचिन मंडल की पतासाजी करने बिहार गई। पुलिस के बिहार पहुंचते ही आरोपित सचिन को इसकी भनक लग गई।

लिहाजा, वह पुलिस से बचने के लिए बिहार से पश्चिम बंगाल भाग गया। पुलिस की टीम भी उसे पकड़ने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंच गई। किसी तरह टीम ने उसे पकड़ लिया और उसे लेकर आ गई। उससे पूछताछ व जांच के दौरान पता चला कि आरोपित के खाते में करीब चार लाख 89 हजार रुपये जमा है, जो ठगी की रकम है।

इस दौरान उससे पूछताछ में ही उसके एक अन्य साथी व मुख्य आरोपित की जानकारी मिली। ठगी का सरगना पंकज कुमार मंडल झारखंड के मचखिचा थाना के ग्राम पताईथान का रहने वाला है। उसकी पूरी जानकारी हासिल करने के बाद फिर से पुलिस की टीम झारखंड के लिए रवाना हुई। आरोपित सरगना अपने क्षेत्र में स्कॉर्पियो क्रमांक जेएच 15 क्यू 7298 में घूमते मिला। लिहाजा, पुलिस उसे स्कार्पियो समेत पकड़कर ले आई।

ऐसे हुई आरोपितों की पहचान

आमतौर पर ठग गिरोह खातों से रकम ट्रांसफर करते समय फर्जी खातेदारों के खातों में रकम जमा करते हैं और उनके एटीएम के जरिए रकम निकालते हैं। इसके चलते पुलिस आसानी से उन्हें नहीं पकड़ पाती। लेकिन, इस गिरोह के दोनों आरोपित ठगी की रकम को खुद अपने खातों में जमा करते रहे। इसके चलते पुलिस को खातों में रकम जमा करने की जानकारी मिल गई। दोनों आरोपित कोई काम नहीं करते। सिर्फ ऑनलाइन ठगी कर रुपये उड़ाते थे। पुलिस ने उनके बैंक खातों का डिटेल हासिल किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

खाते में जमा चार लाख 89 हजार रुपये सीज

दोनों आरोपितों ने झारखंड और बिहार के छह अलग-अलग बैंकों में खाता खुलवाए थे। एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंकों का एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। आरोपितों ने सभी बैंकों में रकम जमा कर लिया था। पुलिस की तस्दीक में पता चला कि खातों में करीब पांच लाख रुपये हैं, जिसे सीज करा दिया गया है।