बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र के बराबर पूरा 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने आदेश जारी करने की घोषणा कर चुकी है। राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को भी मध्यप्रदेश सरकार की तरह कर्मचारियों व पेंशनरों को 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग की है। जल्द ही आदेश प्रसारित करने के लिए कहा।

फेडरेशन का कहना है कि यह भी विडंबना है कि केंद्रीय दर से छत्तीसगढ़ सरकार महंगाई भत्ता का अपना अलग दर तय करता है, जबकि देश में ऐसा कहीं नहीं होता। कांग्रेस शासित राज्य में भी ऐसा कहीं नहीं हुआ जो छत्तीसगढ़ में हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से भी मध्य प्रदेश से अलग एरियर सहित महंगाई भत्ता देने के आदेश जारी कर उदाहरण प्रस्तुत करें। जिससे कि इस चुनावी वर्ष में कर्मचारियों व पेंशनरों में सरकार के प्रति व्याप्त आक्रोश में कमी आ सके।

भारी आर्थिक हानि

पूर्व कर्मचारी नेता और अब पेंशनर्स प्रमुख नेता वीरेंद्र नामदेव ने बताया है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद साल 2000 से अब तक छत्तीसगढ़ सरकार कई मामलों में निरंतर मध्य प्रदेश सरकार से पीछे है। अधिकतर मामलों में मध्य प्रदेश का अनुशरण करते हैं और यही कारण है कि आज 22 वर्ष बाद भी भारी आर्थिक हानि होने के बावजूद पेंशनरों के आर्थिक स्वत्वों विभाजन करने में छत्तीसगढ़ सरकार विफल है, लेकिन सरकार के जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे बैठे हैं।

पेंशनर समाज

पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव व फेडरेशन से जुड़े यशवंत देवान, प्रांताध्यक्ष पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ प्रदेश, आरपी शर्मा प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ, डा.डीपी मनहर प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ, जेपी मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ तथा ओपी भट्ट अध्यक्ष पेंशनर समाज ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इसे संज्ञान में लेकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही केंद्र के बराबर 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान एरियर करने और बकाया 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता के आदेश प्रसारित करने जरूरी निर्देश अधिकारियों को देने की मांग की है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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