बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के तोरवा में घर के आंगन में खेल रहे तीन साल के बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया और उसे नोंच-नोंचकर गंभीर कर दिया। आसपास के लोगों ने देखा तो कुत्तों का खदेड़ा। फिर बच्चे को गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया। वहां उसका उपचार किया जा रहा है।

शनिवार की शाम तोरवा निवासी महेंद्र सिंह का बेटा तीन वर्षीय हिमांशु सिंह घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान आसपास के कुछ आवारा कुत्ते वहां पर मंडरा रहे थे। वे बच्चे के पास पहुंच गए और उस पर हमला कर दिया। बच्चा जोर-जोर से रोने लगा तो उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। तब तक कुत्ते बच्चे के शरीर पर जगह-जगह दांत गड़ा चुके थे। उन्होंने सभी कुत्तों को मारकर भगाया। लेकिन जब तक बच्चे के शरीर पर कई जगह से खून बह रहा था। उसकी हालत देखते हुए उसे तत्काल सिम्स ले जाया गया। फिलहाल उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है।

बच्चे को नहीं मिला एंटी रैबीज वैक्सीन

जब बच्चे को भर्ती किया गया, तब एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं था। डॉक्टरों ने स्टोर में संपर्क किया, लेकिन वहां पर भी स्टाक नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजन को बाहर से एंटी रैबीज वैक्सीन खरीदकर लाना पड़ा। इसके बाद बच्चे को टीका लगाया गया।

शहरी क्षेत्र में पांच हजार से ज्यादा कुत्ते

नगर निगम कुत्तों की संख्या पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। बधियाकरण करने के बाद भी लगातार कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो शहर के कई क्षेत्रों में हमले कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र अंतर्गत तारबाहर चौक, तोरवा, जगमल चौक, बुधवारी, श्रीकांत वर्मा मार्ग, तालापारा, व्यापार विहार, जरहाभाठा, कुदुदंड, जूना बिलासपुर, राजेंद्र नगर आदि क्षेत्र में इनका आतंक बना हुआ है। बीते दिनों निगम के सर्वे में शहरी क्षेत्र में पांच हजार से ज्यादा कुत्तों की जानकारी मिली है। वे आए दिन लोगों को काट रहे हैं।

हर दिन 50 से ज्यादा मामले

शहरी क्षेत्र में हर दिन औसतन 50 लोग कुत्ते के काटने का शिकार हो रहे हैं। सिम्स में रोजाना 30 से ज्यादा मामले पहुंच रहे हैं। वही जिला अस्पताल में रोजाना कम से कम 20 मामले कुत्ते काटने के आ रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम उन पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।