बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और बस्तर विश्वविद्यालय (जगदलपुर) के बीच शैक्षणिक समझौता हुआ है। इसमें शोध, शिक्षा, संयुक्त अनुसंधान, व्याख्यान और संगोष्ठियों के आयोजन में छात्रों के साथ ही संकाय सदस्य दोनों संस्थानों में जाकर कार्य कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए किसी तरह का प्रवेश, परीक्षा और शैक्षणिक शुल्क नहीं देना होगा। इस महत्वपूर्ण समझौते से अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

शनिवार जको अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर (छ.ग.) का बस्तर विश्वविद्यालय,बस्तर के मध्य नीतिगत विकास के सभी क्षेत्रों प्रयोगशाला सूविधा विनिमय , शैक्षणिक एवं पाठ्यक्रम विनिमय, अनुसन्धान का आधारित शिक्षा साझा हेतू लेखित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। उक्त कार्यक्रम विश्वविद्यालय कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी के सफल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में समझौता ज्ञापन प्रकोष्ठ समन्वयक प्रो. यशवंत कुमार पटेल नें संपन्न कराया।

संबंधित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ एचएस होता एवं बस्तर विश्वविद्यालय, बस्तर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ आनंद मूर्ति मिश्रा की उपस्थित में संपन्न हुआ ।विश्वाविद्यालय के डॉ. एच. एस. होता प्रो.यशवंत पटेल (समन्वयक, समझौता ज्ञापन प्रकोष्ठ), कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे, डा आनंद मूर्ति मिश्रा इस सत्र के साक्षी के रूप में अपने हस्ताक्षर का निष्पादन किया। उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय से प्रो रेवा कुलश्रेष्ठा, प्रो श्रिया साहू,डॉ.धमेन्द्र कश्यप, डॉ.लतिका भाटिया, श्री जितेन्द्र कुमार, डा रश्मि गुप्ता, प्रो गौरव साहू, आस्था विठालकर, लीना लकड़ा, आकृति सिंह, केशव कैवर्त आदि उपस्थित रहे।

संस्था को मिल रहा लाभ

एक नई उपलब्धि में शामिल

कोविड-19 महामारी बाद परिस्थितियां बदलने के साथ अटल विश्वविद्यालय लगातार राष्ट्रीय व अंतर राष्ट्रीय संस्थानों से एक के बाद समझौता कर रही है। अब तक 30 से अधिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुका है। साफ है कि अकादमिक क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाना है। प्रदेश में एक नई छवि भी बन रही है। जिसका लाभ यहां पढ़ने वाले युवाओं को मिल सके। खासकर शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को नई चीजें जानने समझने और काम करने का मौका मिलेगा।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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