बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की खैर नहीं है। अब सभी रेंज में इसकी जांच की जाएगी। कोटा के झिंगटपुर की घटना के बाद वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने रेंजरों को निर्देश दिए हैं। इसमें फदहाखार भी शामिल है। लगातार जांच के साथ कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेने के लिए भी कहा है।

वन भूमि पर कब्जा करना अपराध है। हालांकि अतिक्रमण विभाग की नाकामी का ही नतीजा है। इसके चलते लगातार जंगल के अंदर कब्जा करने का सिलसिला जारी है। यदि वन अमला सक्रिय रहेगा तो शुस्र्आत में ही कब्जे को रोककर कार्रवाई की जा सकती थी। हालांकि विभाग अब जाकर सक्रियता बरत रहा है और कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। यह सख्ती अभी नहीं होती, यदि कोटा का मामला सामने नहीं आया। इस प्रकरण के बाद वनमंडलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं।

उन्होंने रेंजरों से कहा है कि मैदानी अमले को रेंज के चप्पे-चप्पे की जांच कराएं और अमला यह देखे कि वन भूमि पर कब्जा तो नहीं हुआ है। यदि ऐसा है तो पहले अपने स्तर पर हटाने का प्रयास करें। विवाद या हुज्जतबाजी करते हैं तो उच्चाधिकारियों को सूचना दें। अधिकारियों की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इससे पहले उन्हें नोटिस दिया जाएगा।

इससे उन्हें सामान को हटाने का समय मिल जाएगा। यदि वह नहीं मानते हैं तो सामान समेत मकान को ढहा दिया जाएगा। इसके लिए वे खुद जिम्मेदार होंगे। फदहाखार में भी लंबे समय से अतिक्रमण है। इसे हटाने के लिए विभाग ने कई बार प्रयास किया, लेकिन एक बार भी सफलता नहीं मिल पाई। ये सभी पुराने कब्जाधारी हैं। नए को रोकने के लिए विभाग के द्वारा वनकर्मियों द्वार विशेष निगरानी की जा रही है। इसकी वजह से नया अतिक्रमण तो नहीं हुआ है। लेकिन पुराने अतिक्रमणकारी सालों से जमे हुए हैं।

Posted By: Abrak Akrosh

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