बिलासपुर। दिव्यांग पुत्र की हत्या करने के लिए पिता ने मकान में आग लगा दी। आगजनी में फ्रिज, टीवी, आलमारी, समेत अन्य सामान जल गए। पत्नी की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। अनीता सोनकर दयालबंद स्थित शशि बोले के मकान में किराए में रहती हैं। वे कैटरिंग मैनेजर का काम करती हैं। महिला का 18 वर्षीय पुत्र अरमान बचपन से दिव्यांग है। उन्होंने सिटी कोतवानी थाने में शिकायत की है कि अरमान की हत्या करने के लिए उनके पति राजेश ने 24 जून की दोपहर 3.30 बजे मकान में आग लगा दी।

इस दौरान अनीता और अरमान घर में नहीं थे। घर से निकलती आग की लपटों को देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस की डायल 112 को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। लोगों के साथ मिलकर आग में काबू पाया। अपनी शिकायत में अनीता ने बताया कि राजेश ने पुत्र के साथ उनकी भी हत्या करना चाहता था। सिटी कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पहले भी कर चुका है प्रयास

अनीता ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका पति राजेश सोनकर शराब पीने का आदी है। वह अरमान को जान से मारने का कई बार प्रयास कर चुका है। एक बार दिव्यांग बच्चे को पानी में डुबा दिया था। कुछ दिन बाद फांसी लगाने का प्रयास किया था।

अधेड़ ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जांच में जुटी पुलिस

मोपका के गुलाब नगर के रहने वाले राजेंद्र कश्यप(50) जमीन खरीदी बिक्री का काम करते थे। शुक्रवार की रात वे अपने घर पर थे। स्वजन भी मौजूद थे। खाना खाकर सभी अपने-अपने कमरे में सो गए। शनिवार को सुबह छह बजे स्वजन सोकर उठे, तब राजेंद्र अपने कमरे में नहीं थे। बगल के कमरे में जाकर राजेंद्र का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। स्वजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम जांच करने घटना स्थल पहुंची। कमरे और शव की तलाशी ली गई। लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने स्वजन से भी पूछताछ की पर कोई आत्महत्या का कारण नहीं बता पाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद श्ाव को स्वजन को सौंप दिया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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