Bilaspur News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना व जल जीवन मिशन का प्रदेश के साथ ही जिले में कबाड़ा निकल गया है। जब से राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी है तीनों योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को रसोई गैस का कनेक्शन नहीं मिल रहा है। अपना आशियाना का सपना देखने वाले गरीबों का सपना टूट गया है। राज्य सरकार ने बीते वर्ष केंद्र द्वारा स्वीकृत डेढ़ लाख आवास को सरेंडर कर दिया है। नल जल योजना के कार्य में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही हक। केंद्र सरकार की योजना में लगातार मिल रही गड़बड़ी को लेकर विधानसभा में भी मामला उठा था।

शर्त नहीं मानी तो कर दी थी कटौती

प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में लगातार कोताही बरती जा रही है। तय समय सीमा में काम पूरा न होने और राज्यांश जमा न होने के कारण इसके पहले भी केंद्र सरकार ने स्वीकृत आवास की संख्या में कटौती कर दी थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017 से 2021 के बीच 38 हजार 853 आवास स्वीकृत हुए थे। शर्त पूरी न कर पाने के कारण छह हजार 181 आवास को निरस्त कर दिया गया था। 14 सिंतबर 2022 को संशोधित सूची में 32 हजार 672 आवास की स्वीकृति दी गई थी। 18 नवंबर 2022 को केंद्र सरकार ने सात हजार 729 आवास में कटौती कर दी। 60 हजार 83 स्वीकृत आवास में कटौती करते-करते 52 हजार 354 आवास निर्माण की स्वीकृति देेते हुए केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि राज्य सरकार के खजाने में जमा करा दी है।

उज्ज्वला की लौ पड़ी फीकी

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वर्ष 2016-17 से 2018 के बीच जिले के डेढ़ लाख बीपीएल परिवार के लोगों को फ्री में रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था। यह वह दौर था जब राज्य में भाजपा की सरकार थी और चुनावी वर्ष था। वर्ष 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी और उज्ज्वला की लौ धीमी पड़ गई। केंद्र की इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार ने रुचि नहीं दिखाई। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में तब राज्य सरकार ने गरीब हितग्राहियों को फ्री में चूल्हा देने की घोषणा की थी और कनेक्शन के साथ चूल्हा फ्री में दिया जा रहा था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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