बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। देशभर के दिव्यांगों के लिए अच्छी खबर हो सकती है। पहचान पत्र में एकस्र्पता के लिए केंद्र सरकार ने दिव्यांगता विशिष्ट पहचान पत्र यूडीआइडी जारी करने का निर्णय लिया है। यूनिक कार्ड के जरिए केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके जरिए सीधे बतौर हितग्राही लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। नए सिरे से दिव्यांगों का सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे के आधार पर विशिष्ट पहचान पत्र बनाने का काम प्रारंभ होगा। विशिष्ट पहचान पत्र की खासियत ये कि देशभर में यह लागू रहेगा।

केंद्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ लेने वाले हितग्राहियों को मांगे जाने वाले दस्तावेज जमा करना पड़ता है। दस्तावेजों में जाति व आय प्रमाण पत्र से अन्य जस्र्री कागजात भी जमा करना होता है। दिव्यांगों के लिए बार-बार कार्यालय आना और अलग-अलग दस्तावेजों की मांग पर इकठ्ठा करना और उसे जमा करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है।

इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर के दिव्यांगों को विशिष्ट पहचान पत्र जारी करने का निर्णय लिया है। इसकी खासियत ये रहेगी कि इसी विशिष्ट पहचान पत्र के जरिए योजनाओं का लाभ मिलेगा। पहचान पत्र जमा करने पर ही वास्तविक हितग्राही की श्रेणी में शामिल कर लिया जाएगा और योजना का लाभ देने के लिए विभागीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। पूर्व में केंद्र सरकार ने सात प्रकार के निशक्तजन को दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया था। बाद में इसे संशोधन करते हुए 21 प्रकार की निशक्तता को दिव्यांगों की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके कारण जिलेवार डाटा तैयार करने का काम किया जा रहा है।

देश के किसी भी राज्य में ले सकेंगे लाभ

दिव्यांगता विशिष्ट पहचान पत्र के जरिए पहचान पत्र धारक दिव्यांग केंद्र सरकार की योजना का देश के किसी भी राज्य में ले सकेंगे। यह इनके लिए विशेष छूट रहेगी। इस संबंध में केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों को निर्देश जारी कर दिया है।

इनको मिलेगी केंद्र की योजना का लाभ

दृष्टि बाधित, अल्पदृष्टि, कुष्ठरोगी, श्रवण बाधित, चलन निशक्तता, बौनापन, बौद्धिक निशक्तता, मानसिक रोग, ऑटिज्म, सेरेबल पाल्सी, मासपेशी दुर्विकार, क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन्स, स्पेशिफिक लर्नंिग डिसएबिलिटी, मल्टीपल स्कलेरोसिस, वाक एवं भाषा निशक्तता, थैलेसीमिया, हिमोफिलिया, स्किल सैल डिसीज, बहु निशक्तता, तेजाब हमला पीि;त एवं पार्कनिसंस रोग के विकारों से ग्रसित लोगों को शामिल किया गया है।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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